तन के साथ मन को तंदरुस्त रखने की एकमात्र विधा है योग: प्रधानाचार्य।

दरभंगा: बुधवार को महारानी कल्याणी महाविद्यालय लहेरियासराय, दरभंगा में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर योग शिविर का आयोजन प्रधानाचार्य प्रो. मो. रहमतुल्लाह की अध्यक्षता में आयोजित हुआ।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रधानाचार्य प्रो. मो. रहमतुल्लाह ने कहा कि योग आज पूरा विश्व अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मना रहा है। आज भागमभाग की जिंदगी में सामान्यतया लोग तनाव में रहते हैं व मशीन बने रहते हैं।यही कारण है कि दुनिया में डिप्रेशन का सबसे ज्यादा मरीजों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि हो रही है जिसका सबसे ज्यादा युवा वर्ग शिकार हो रहा है जो कि दुनिया के लिये चिंता का सबब है। इसीलिए योग को हर व्यक्ति को अपने जीवन में अपनाना चाहिये। तन के साथ मन को तंदरुस्त रखने की एकमात्र विधा है योग। प्राणायाम एकमात्र ऐसी विधा है जो शरीर को विभिन्न रोगों से तो मुक्ति दिलाती है। साथ ही हमें स्वस्थ व सदैव प्रसन्न चित रख आंतरिक शक्ति जागृत करने में भी सहायक होती है। यही कारण है कि योग करनेवाला हर व्यक्ति सदैव तरोताजगी महसूस करता है और कभी थकता नहीं है। इसीलिए आप सभी न सिर्फ योग को अपने दिनचर्या में अपनाएं बल्कि अपने परिवार-समाज को भी योग से जोड़े।

तदोपरांत योग प्रशिक्षक प्रकाश मिश्रा ने योगाभ्यास के दौरान कपाल भाति, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी, पद्मासन, शीर्षासन, दंडासन, सूर्य नमस्कार, सिद्धासन, वज्रासन, शवासन व सर्वांगासन आदि करने के तरीके को सिखाया।

योगाभ्यास में प्रधानाचार्य प्रो. मो. रहमतुल्लाह, बर्सर डॉ. शम्से आलम, राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. मुकुल किशोर वर्मा, प्रधान सहायक कन्हाई कुमार चौधरी, अकाउंटेंट बिमल कुमार, सहायक शेखर कुमार चौधरी, आयुष कुमार चौधरी समेत सभी शिक्षक व कर्मियों ने भाग लिया।

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