कुलपति प्रोफेसर संजय कुमार चौधरी के अध्यक्षता में सिंडिकेट की बैठक हाइब्रिड मोड में सम्पन्न

 

ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के कुलपति प्रोफेसर संजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में सिंडिकेट की महत्त्वपूर्ण बैठक हाइब्रिड मोड में कुलपति के आवासीय कार्यालय कक्ष में कल देर शाम आयोजित की गई, जिसमें कुलसचिव डॉ दिव्या रानी हंसदा, प्रो हरि नारायण सिंह, डॉ बैद्यनाथ चौधरी ‘बैजू’, मीणा झा, प्रो दिलीप कुमार चौधरी, प्रो धनेश्वर प्रसाद, प्रो अशोक कुमार मेहता, प्रो विजय कुमार यादव, प्रो नारायण झा, डॉ अमर कुमार, सविता वर्मा, डॉ शिखर वासिनी आदि उपस्थित थे। कुलसचिव द्वारा गणपूर्ति की जानकारी देने के बाद कुलपति के आदेश से बैठक की कार्यवाही प्रारंभ की गईl

सर्वप्रथम सिंडिकेट की दिनांक 02.07.2026 को संपन्न बैठक की कार्यवृत्त की संपुष्टि की गई, विद्वत परिषद् की 17. 07. 2026 को आयोजित बैठक तथा 18. 07. 2026 को आयोजित वित्त समिति की बैठक में लिए गए निर्णयों का अनुमोदन किया गया।

बैठक में विश्वविद्यालय परिसर स्थित राज मैदान के पश्चिमी भाग में जल-जमाव से निदान हेतु नाला-निर्माण एवं जमीन-भराई तथा विश्वविद्यालय थाना के निकट एवं डेनवी रोड के बगल में अवस्थित तालाब के जलकुंभी निकासी हेतु नगर आयुक्त, दरभंगा द्वारा समर्पित प्राक्कलन एवं मांग की गई बड़ी राशि को उपलब्ध कराने संबंधी दरभंगा के जिलाधिकारी के प्रस्ताव पर प्रो हरि नारायण सिंह ने सुझाव दिया कि

दरभंगा नगर निगम पर विश्वविद्यालय का लगभग तीन करोड़ रुपए बकाया है। इसलिए नगर निगम को पत्र लिखा जाए कि यदि नगर आयुक्त चाहे तो उस बकाया राशि से ही उक्त कार्य को करवाया जा सकता है, जिस पर सभी सदस्यों ने सहमति प्रदान की। प्रो दिलीप कुमार चौधरी एवं प्रो हरि नारायण सिंह के दिए गए अन्यान्य प्रस्ताव के अंतर्गत निर्णय लिया गया कि नवनियुक्त 175 शिक्षक, जिनका वेतन रोका गया है, उन्हें मानवीय आधार पर तत्काल प्रथम श्रेणी के मजिस्ट्रेट से निर्गत शपथ पत्र जमा लेकर वेतन जारी किया जाए और उनसे साठ दिनों के अन्दर संबंधित कॉलेजों से शिक्षण अनुभव निर्धारित प्रपत्र पर उप- कुलसचिव (द्वितीय) के कार्यालय में जमा करवा दिया जाए, अन्यथा अगला वेतन जारी नहीं किया जाएगा

मीणा झा के सुझाव पर भारत पैट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा डीआरएस सबस्टेशन होमगार्ड ऑफिस, कादिराबाद के निर्माण हेतु बिहार लोक भवन, पटना द्वारा प्रदान की गई स्वीकृति के संबंध में निर्णय लिया गया कि घनी जन आबादी के बीच तथा डब्ल्यूआईटी की छात्राओं के लिए प्रस्तावित छात्रावास के पास ज्वलनशील पदार्थों के संग्रह से होने वाले भविष्य के ख़तरों को देखते हुए तथा सिंडिकेट के निर्णय से अवगत कराते हुए कुलाधिपति महोदय से पुनर्विचार करने हेतु आग्रह किया जाएगा। इसके लिए प्रो हरि नारायण सिंह के नेतृत्व में मीणा झा, लक्ष्मेश्वर राय, प्रो दिलीप कुमार चौधरी तथा डॉ बैद्यनाथ चौधरी ‘बैजू’, की एक समिति बनाई गई जो स्थानीय नगर विधायक संजय सरावगी से भी सहयोग लेकर समुचित पहल करेंगे।

बैठक में विश्वविद्यालय अंग्रेजी विभाग की सहायक प्राध्यापिका डॉ तनिमा कुमारी को सम्मानित फैलोशिप (रिसर्च ओन दि प्रोजेक्ट) भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान, राष्ट्रपति निवास, शिमला के द्वारा दिए जाने के फलस्वरूप आगामी 01 अगस्त से 2 वर्षों का असाधारण अवैतनिक अवकाश स्वीकृत किया गया। धन्यवाद ज्ञापन डीएसडब्ल्यू प्रो अशोक कुमार मेहता ने किया।

Santosh Dutta Jha: