चलती ट्रेन में हाई-प्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री का खुलासा, एमवीआई पत्नी ने प्रेमी संग कराई जेई पति की हत्या*

खगड़िया:-विगत 11 जून को खगड़िया जिले के मानसी-सहरसा रेलखण्ड पर चलती ट्रेन में अपराधियों ने यात्री के सीने में मारी गोली मार दी थी जहां से प्राथमिक उपचार के लिये घायल यात्री को सदर अस्पताल खगड़िया लाया गया, जहां से उसे इलाज के लिए हायर सेंटर, बेगूसराय रेफर कर दिया गया था, जिसका इलाज के दौरान मौत हो गया था। घायल यात्री की पहचान सुपौल जिला के मोटर वाहन निरीक्षक (एमवीआई) स्मिता कुमारी के 40 वर्षीय पति देव कुमार के रूप में हुई है जो कि झारखंड के गोड्डा जिला का रहनेवाला था और जमुई में विद्युत विभाग में जेई के पद पर कार्यरत था और अपनी पत्नी से मिलने सुपौल जा रहा था। वारदात अमृतसर से नरपतगंज के बीच चलनेवाली जनसाधारण एक्सप्रेस (14604) में मानसी स्टेशन से ट्रेन खुलने के बाद और बदलाघाट रेलवे स्टेशन पहुंचने से पहले पोल संख्या 52 के समीप रात करीब 8:35 बजे हुई थी।

 

मिली जानकारी के अनुसार जैसे ही जनसाधारण एक्सप्रेस मानसी स्टेशन से आगे बढ़ी, कुछ बदमाशों ने देव कुमार से छिनतई करने की कोशिश की। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो अपराधियों ने उन पर गोली चला दी। बदमाशों द्वारा चलाई गई गोली सीधे देव कुमार के सीने में जा लगी। गोली लगते ही वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े। घटना के बाद बोगी में मौजूद यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई और पूरे डिब्बे में हड़कंप की स्थिति बन गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और रेलवे प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गया। जनसाधारण एक्सप्रेस को बदलाघाट रेलवे स्टेशन पर रुकवाया गया, ताकि घायल यात्री को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

मानसी जीआरपी और स्थानीय थानाध्यक्ष दीपक कुमार मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घायल देव कुमार को ट्रेन से उतारा और तत्काल खगड़िया सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका प्राथमिक उपचार शुरू किया गया। सदर अस्पताल के डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद घायल की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर, बेगूसराय रेफर कर दिया। इलाज के दौरान ही आगे चलकर उनकी मौत हो गई।

 

रेल एसपी हरि शंकर ने बतलाया कि जांच में खुलासा हुआ कि मृतक की पत्नी स्मिता कुमारी जो सुपौल जिले में मोटर व्हीकल अधिकारी के पद पर तैनात हैं। उनका जहानाबाद में पदस्थापित विद्युतकर्मी अजीत से प्रेम संबंध था। दोनों ने अपने रास्ते से पति को हटाने की साजिश रची। पुलिस के अनुसार स्मिता कुमारी और अजीत ने मिलकर सुपारी किलर राजू उर्फ धीरज को 4 लाख रुपये देकर देव कुमार गुंजन की हत्या की सुपारी दी। प्लान के मुताबिक 11 जुलाई को ट्रेन में राजू ने देव कुमार को गोली मारी।

रेल एसपी हरि शंकर ने बतलाया कि 11 जून को देव कुमार गुंजन, जो पावर ग्रिड जमुई के मलापुर में ग्रेड-1 टेक्नीशियन के पद पर पदस्थापित थे। अपनी पत्नी से मिलने सुपौल जा रहे थे। जांच में सामने आया कि मृतक की पत्नी स्मिता कुमारी का अजीत कुमार नामक ग्रेड-1 टेक्नीशियन से अवैध संबंध था। अजीत वर्तमान में नालंदा के गंगरसराय में पदस्थापित है। दोनों ने मिलकर पति को रास्ते से हटाने की साजिश रची और कॉन्ट्रैक्ट किलिंग के जरिए हत्या करवाई।

स्मिता कुमारी और अजीत दोनों 2017 में ग्रेड-1 टेक्नीशियन के पद पर बहाल हुए थे। 2018 में सीतामढ़ी में इनकी शादी हुई। इनकी एक 5-6 साल की बच्ची भी है। बाद में देव कुमार का तबादला जमुई के मलापुर हो गया और अजीत का तबादला नालंदा के गंगरसराय हो गया। स्मिता कुमारी 2023 में एमवीआई के पद पर प्रोन्नत होकर सुपौल में पदस्थापित हुईं। इस हत्या के लिए 4 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी।

कॉन्ट्रैक्ट किलर की गिरफ्तारी जहानाबाद के घोसी से की गई है। पैसा ऑनलाइन नहीं बल्कि ऑफलाइन मोड में दिया गया था। संभव है कि अजीत ने स्मिता से पैसा लेकर शूटर को दिया हो। शुरू में स्मिता कुमारी ने मामले को लूट की घटना बताकर डायवर्ट करने की कोशिश की थी लेकिन एसटीएफ और रेल पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया। इस मामले में अब तक 3 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। इसमें मृतक की पत्नी स्मिता कुमारी, प्रेमी अजीत कुमार और शूटर राजू उर्फ धीरज को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

Santosh Dutta Jha: