ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के नाट्य कार्यशाला में ‘मर रही मानवता’ की गूंज, सेट निर्माण तेज

ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के स्नातकोत्तर संगीत एवं नाट्य विभाग द्वारा आयोजित 5 दिवसीय नाट्य कार्यशाला “कहानी और रंगमंच” का पांचवें दिन समापन समारोह आयोजित किया गया। कार्यशाला में प्रशिक्षण पा रहे रंगकर्मियों का उत्साह चरम पर रहा। कार्यशाला के प्रशिक्षक कुंदन कुमार के कुशल नेतृत्व में तैयार हो रहे नाटक “मर रही मानवता” का सेट वर्क आज बहुत तेजी से किया गया। कुंदन कुमार ने बताया कि नाटक लगभग तैयार हो चुका है और अब यह अपने आखिरी चरण में है। तैयार नाटक का मंचन 16 जून को विभागीय प्रेक्षागृह में होना सुनिश्चित है। कलाकार संवाद अदायगी और चरित्र के भावों को मंच पर उतारने के लिए कड़ा अभ्यास कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर नाटक की थीम ‘मर रही मानवता’ के सामाजिक संदेश को जीवन्त करने के लिए अर्थपूर्ण सेट का निर्माण भी युद्ध स्तर पर चल रहा है। कोशिश ये है कि कम से कम लागत में बेकार पड़े वस्तुओं से सेट का निर्माण हो।

कार्यशाला की संयोजिका प्रो लावण्य कीर्ति सिंह ‘काव्य’ ने इस अवसर पर कहा कि यह कार्यशाला न केवल छात्रों को अभिनय की बारीकियां सिखा रही है, बल्कि उन्हें रंगमंच के तकनीकी पक्षों जैसे- सेट डिजाइनिंग और बैकस्टेज मैनेजमेंट से भी रूबरू करा रही है। “मर रही मानवता” नाटक के माध्यम से समाज को एक बड़ा संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है।

कार्यशाला के पांचवें दिन विभाग के अन्य शिक्षक, तकनीकी सहायक और भारी संख्या में छात्र-कलाकार उपस्थित रहे, जिन्होंने सेट निर्माण में अपनी सक्रिय सहभागिता निभाई।

Santosh Dutta Jha: