जिला गंगा समिति,दरभंगा द्वारा विकास भवन में किया गया पौधारोपण कार्यकम का आयोजन
90 पौधों के रोपण के साथ पर्यावरण संरक्षण एवं हरित विकास का दिया गया सशक्त संदेश
जिला पदाधिकारी-सह-अध्यक्ष, जिला गंगा समिति, दरभंगा श्री कौशल कुमार के निर्देशनुसार गंगा स्वच्छता पखवाड़ा 2026 के अंतर्गत विकास भवन, दरभंगा परिसर में वृहद पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, दरभंगा श्री स्वप्निल एवं जिला परियोजना पदाधिकारी, जिला गंगा समिति, दरभंगा श्री फारूक इमाम द्वारा संयुक्त रूप एवं उपस्थित सभी अधिकारियों, कर्मियों एवं स्वयंसेवकों द्वारा सक्रिय रूप से पौधरोपण किया गया।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त श्री स्वप्निल ने अपने संबोधन में कहा कि
“पौधरोपण केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह सतत विकास एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक दीर्घकालिक निवेश है। गंगा स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत इस प्रकार की गतिविधियां न केवल पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में सहायक हैं, बल्कि समाज में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करती हैं। हमें पौधे लगाने के साथ-साथ उनके संरक्षण एवं संवर्धन पर भी समान रूप से ध्यान देना होगा।”
उन्होंने आगे कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति नियमित रूप से वृक्षारोपण एवं उनके संरक्षण का संकल्प ले, तो यह एक जनआंदोलन का रूप ले सकता है, जिससे स्वच्छ, हरित एवं स्वस्थ पर्यावरण का निर्माण संभव होगा।
कार्यक्रम के अंतर्गत कुल 90 पौधों का रोपण किया गया, जिनमें मुख्य रूप से फिकस, कचनार एवं सिजियम जैसे पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण प्रजातियों के पौधे शामिल थे। इन पौधों का चयन जैव विविधता संरक्षण, वायु शुद्धिकरण तथा स्थानीय पारिस्थितिकी संतुलन को ध्यान में रखते हुए किया गया।
कार्यक्रम में लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के जिला समन्वयक श्री प्रशांत कुमार, सलाहकार श्री संदीप कुमार एवं श्री प्रभाष कुमार, जल-जीवन-हरियाली मिशन के प्रबंधक श्री रवि किशन, नमामि गंगे से पूजा कुमारी, संजीव कुमार, संगीता कुमारी एवं मणिकांत ठाकुर तथा सी० एम० कॉलेज के एनएसएस स्वयंसेवक अंशु प्रिया, आदित्य कुमार एवं नव्या नंदनी ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों को पर्यावरण संरक्षण,जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने एवं लगाए गए पौधों के नियमित देखभाल का संकल्प भी दिलाया गया।
यह पौधरोपण कार्यक्रम गंगा स्वच्छता पखवाड़ा के उद्देश्यों को साकार करने के साथ-साथ पर्यावरणीय जागरूकता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायक पहल है।