उद्घाटन कार्यक्रम में एमओआईसी बिरौल, प्रखंड विकास पदाधिकारी बिरौल, बीपीएम जीविका,बीएचएम, बीसीएम, पिरामल फाउंडेशन, WHO प्रतिनिधि एवं BMNE की उपस्थिति रहे।
कार्यक्रम के दौरान एमओआईसी द्वारा फाइलेरिया रोग की रोकथाम, एमडीए कार्यक्रम के उद्देश्य तथा दवा सेवन के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।
उन्होंने यह भी बताया कि एमडीए के माध्यम से समुदाय में फाइलेरिया उन्मूलन संभव है,सभी व्यक्तियों द्वारा दवा का सेवन किया जाए।
प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा अंतर विभागीय समन्वय एवं सामुदायिक सहभागिता पर जोर देते हुए आमजन से एमडीए दवा का अनिवार्य रूप से सेवन करने की अपील की गई।
बी पी एम जीविका द्वारा स्वयं सहायता समूह (SHG) एवं ग्राम संगठन के माध्यम से समुदाय को जागरूक करने एवं दवा सेवन के लिए प्रेरित करने की भूमिका पर जानकारी दी गई।
बीएचएम एवं बीसीएम द्वारा दवा वितरण व्यवस्था, बूथ एवं हाउस-टू-हाउस गतिविधियों, पर्यवेक्षण एवं रिपोर्टिंग प्रणाली के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
पिरामल फाउंडेशन एवं WHO प्रतिनिधियों द्वारा तकनीकी सहयोग, मॉनिटरिंग एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु किए जा रहे प्रयासों पर अपने विचार साझा किए गए।
BMNE द्वारा फील्ड स्तर पर निगरानी, सहयोग एवं रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया गया।
उद्घाटन अवसर पर उपस्थित सभी पदाधिकारियों, कर्मियों एवं समुदाय के प्रतिनिधियों द्वारा फाइलेरिया उन्मूलन हेतु सामूहिक संकल्प लिया गया तथा “दवा अपने सामने खिलाएं” का संदेश दिया गया।