बेगूसराय में 15 साल बाद दो अभियुक्त को न्याय मिला:साक्ष्य अभाव में रेलवे न्यायालय ने किया बरी मोहम्मद कौनैन अली।

बेगूसराय जिले के फुलवरिया गांव निवासी दिनेश झा और बाघा निवासी बाल्मीकि महतो को 15 साल बाद न्याय मिला है। बरौनी रेलवे के न्यायिक दंडाधिकारी लीला ने साक्ष्य के अभाव में दोनों अभियुक्तों को रिहा कर दिया। यह मामला जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) के सहयोग से संभव हो पाया।

एलएडीसी सहायक अधिवक्ता सुधा कुमारी ने बताया कि यह घटना 19 जून 2011 की है। दोपहर करीब 03:30 बजे बरौनी जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या 08 पर सूचक अर्जुन सहनी का मोबाइल फोन छीन लिया गया था।

इस संबंध में बरौनी रेल थाना में कांड संख्या 38/2011 दर्ज किया गया था, जिसमें दिनेश झा और बाल्मीकि महतो को अभियुक्त बनाया गया था।

मुकदमे की लंबी सुनवाई के दौरान, रेलवे न्यायालय में रेल पुलिस इन दोनों अभियुक्तों के खिलाफ कोई गवाही या ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर पाई। 15 साल बाद, न्यायालय ने साक्ष्य के अभाव में दोनों अभियुक्तों को बरी कर दिया।

इस मुकदमे में जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा प्रतिनियुक्त एलएडीसी सहायक सुधा कुमारी ने दोनों अभियुक्तों की ओर से निःशुल्क पैरवी की। उनकी निःस्वार्थ सेवा के कारण ही इन व्यक्तियों को न्याय मिल सका।

सुधा कुमारी ने यह भी बताया कि बेगूसराय का जिला विधिक सेवा प्राधिकार लगातार असहाय, गरीब, शोषित और वंचित समाज से ताल्लुक रखने वाले लोगों को मुफ्त में अधिवक्ता उपलब्ध कराने का कार्य कर रहा है। यह मामला इसी पहल का एक सफल उदाहरण है।

Darbhanga Office: