बेगूसराय में सुचिता, आस्था और सूर्योपासना का महापर्व छठ नहाय-खाय के साथ शुरू हो गया। जिले के सिमरिया और झमटिया घाट पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। चार दिवसीय महापर्व के पहले दिन व्रतियों ने स्नान कर भगवान भास्कर की पूजा-अर्चना की। नेपाल से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं।
स्नान और पूजा के बाद सबसे पहले छठ में प्रसाद बनाने के लिए गेहूं-चावल धोकर ओखली में कूटकर सुखाया। इसके बाद अरवा चावल, चने की दाल और कद्दू की सब्जी ग्रहण किया। छठ को लेकर गांव से लेकर जेल के अंदर तक लोकगीतों की धूम मची हुई है। गांव से शहर तक का हर घर भक्ति में लीन है।
सिमरिया में गंगा स्नान करने जुटी भीड़
जेल में 51 कैदी कर रहे छठ पूजा
छठ में सामाजिक समरसता का शानदार उदाहरण देखने को मिल रहा है। हिंदू धर्मावलंबियों के इस महापर्व में मुस्लिम समुदाय के लोग सामान बेच रहे हैं। जेल में भी छठ गीतों के धूम के साथ व्रत की तैयारी चल रही है। सभी व्रती द्वारा गाए जा रहे लोकगीत से जेल का वातावरण भक्तिमय हो गया है। जेल सुपरिटेंडेंट ने बताया कि 27 महिला और 24 पुरुष कैदी छठ कर रहे हैं। सभी 51 व्रतियों को नया कपड़ा एवं पूजा सामग्री मुहैया कराया गया है।
अर्घ्य देने के लिए तालाब और सुचिता के विशेष बंदोबस्त किए गए हैं। लोक आस्था के महापर्व छठ के दूसरे दिन रविवार को सभी व्रती निराहार रहकर देर शाम में खरना करेंगे। सोमवार को सूर्यास्त के समय अस्ताचलगामी सूर्यदेव को अर्घ्य दिया जाएगा।
गिरिराज सिंह ने दी बधाई
केंद्रीय मंत्री और स्थानीय सांसद गिरिराज सिंह ने प्रदेशवासियों की छठ की शुभकामनाएं दी है। उन्होंने कहा कि गंगा मां, सूर्य देव और छठ मैया सब पर अपनी कृपा बरसाएं। छठ महापर्व की शुरुआत नहाय-खाय से होती है। यह आस्था की यात्रा का पहला कदम है, जहां पवित्रता जीवन और मातृशक्ति के सम्मान में समर्पित होती है।