अपनी कमियों को स्वयं महसूस कर, उन्हें ससमय दूर करना कामयाब होने की सबसे बड़ी कूंजी : प्रो० मुश्ताक अहमद।

दरभंगा: बिहार में रोजगार का सबसे बड़ा क्षेत्र शिक्षा है। अब बीपीएससी, पटना के द्वारा प्रतियोगिता परीक्षा के आधार पर शिक्षकों की नियुक्ति होगी, जिससे बिहार में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का माहौल बनेगा। उक्त बातें ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के कुलसचिव सह सी एम कॉलेज, दरभंगा में संचालित निःशुल्क अल्पसंख्यक सीटेट कोचिंग सेन्टर के निदेशक प्रोफेसर मुश्ताक अहमद ने कोचिंग के छात्र- छात्राओं के बीच निःशुल्क 10 प्रैक्टिस सेट, कलम एवं अभ्यास पुस्तिका आदि के वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही।

प्रोफेसर अहमद ने कहा कि अपनी कमियों को स्वयं महसूस कर, उन्हें ससमय दूर करना प्रतियोगिता परीक्षा में कामयाब होने की सबसे बड़ी कूंजी है। उन्होंने बताया कि इस कोचिंग के छात्र- छात्राओं को समय- समय पर निःशुल्क पाठ्य सामग्री के साथ ही प्रैक्टिस सेट, अभ्यास पुस्तिका आदि प्रदान किए जाते हैं। इस केन्द्र द्वारा साप्ताहिक जांच परीक्षा आयोजित की जाती है, जिसमें जिन छात्रों में जी के, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, अंग्रेजी, हिन्दी या उर्दू आदि में जो कमियां होती हैं, उन्हें चिह्नित कर सुयोग्य शिक्षकों के माध्यम से उनकी उन कमियों को समय पर दूर किया जाता है। यही कारण है कि विगत लगातार वर्षों से इस केन्द्र के शत प्रतिशत छात्र- छात्राएं सीटेट परीक्षा में सफल होते रहे हैं।

सीएम कॉलेज, दरभंगा के प्रधानाचार्य डॉ० अशोक कुमार पोद्दार ने कहा कि कॉलेज परिवार के लिए यह प्रसन्नता की बात है कि यहां संचालित कोचिंग से न केवल सी एम कॉलेज के छात्र, बल्कि पूरे मिथिलांचल के छात्र- छात्राएं लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने कोचिंग में अध्ययनरत सभी छात्र- छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए बिहार सरकार के अल्पसंख्यक विभाग एवं कोचिंग के नोडल एजेंसी मौलाना मजहरूल हक अरबी- फारसी विश्वविद्यालय, पटना के अधिकारियों प्रति आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर स्थानीय मिल्लत कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो इफ्तिखार अहमद, उर्दू विभागाध्यक्ष डा अब्दुल हई, डा इर्तजा अहमद, डा खादिम अनवर, बशीर अहमद, मो रिजाउल्लाह तथा विपिन कुमार सिंह आदि भी उपस्थित थे।

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