बेगूसराय के वनद्वार में फैले डायरिया समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर आज समाहरणालय के दक्षिणी द्वार हड़ताली चौक पर भीम आर्मी के कार्यकर्ता एवं मुसहरी टोला वनद्वार के लोगों ने धरना-प्रदर्शन किया। जिसका नेतृत्व भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष विकास कुमार आजाद ने किया।
धरना में शामिल लोगों ने वनद्वार महादलित टोले में डायरिया से हुई 7 लोगों की मौत को जिला प्रशासन की लापरवाही बता रहे थे। वक्ताओं ने कहा कि प्रशासनिक उदासीनता के कारण आम जनजीवन संकट में है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मौन बने हुए हैं। यदि प्रशासन तुरंत प्रभावी कदम नहीं उठाता है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
धरना पर बैठे भीम आर्मी के कार्यकर्ता।
बोले- विधायक, सासंद या अन्य जनप्रतिनिधि पीड़ितों से मिलने नहीं पहुंचे
जिलाध्यक्ष विकास कुमार ने कहा कि पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए। बीमार लोगों का तत्काल इलाज सुनिश्चित किया जाए,प्रभावित इलाकों में जागरूकता अभियान चलाया जाए। इस दौरान वक्ताओं ने स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के उस बयान पर भी सवाल उठाया, जिसमें बेगूसराय को स्वास्थ्य सुविधाओं में नंबर-1 बताया था।
उन्होंने कहा कि धरातल पर हालात इसके बिल्कुल उलट हैं। अब तक न तो क्षेत्रीय विधायक कुंदन कुमार, न सांसद गिरिराज सिंह और न ही अन्य जनप्रतिनिधि पीड़ितों से मिलने पहुंचे हैं। यह उनकी संवेदनहीनता और जनता के प्रति उदासीन रवैये को दर्शाता है। प्रधानमंत्री का हर घर शौचालय, मुख्यमंत्री का सात निश्चय योजना और नल जल योजना कहां है।
‘दलितों की हालत बहुत गंभीर है, मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं’
यह सब सरकारी योजना धरातल पर कामयाब होता तो डायरिया जैसा महामारी नहीं फैलता। हालत कभी चिंताजनक है, जिला प्रशासन की लापरवाही से मौत हुई है। दलितों की हालत बहुत गंभीर है, अभी तक मूलभूत आवश्यकता से वंचित हैं। जिला प्रशासन जल्द महादलित बस्ती को डायरिया से मुक्त कराए।
मुसहरी निवासी रामधनी देवी ने कहा कि सभी जनप्रतिनिधि ने हमलोगों को ठगने का कम किया है, जब हमरा बेटा नहीं रहेगा, हमरा पोता नहीं रहेगा तो हम जी कर क्या करेंगे। रामबालक सदा ने कहा कि हमारी सुरक्षा और मूलभूत आवश्यकता पूरा किया जाए। धरना के बाद प्रतिनिधि मंडल ने सहायक डीएम को ज्ञापन सौंपा।