सहरसा विद्युत विभाग ने दुर्गा पूजा पंडालों और सार्वजनिक स्थलों पर अस्थायी बिजली कनेक्शन लेने के साथ-साथ आवश्यक सावधानियां बरतने के निर्देश दिए हैं। विद्युत कार्यपालक अभियंता अमित कुमार ने बताया कि विभाग द्वारा पूजा पंडाल समितियों को कनेक्शन फॉर्म भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
कार्यपालक अभियंता ने सोमवार को जानकारी दी कि शहर और ग्रामीण इलाकों में बन रहे सभी पूजा पंडालों में समिति के सदस्य विद्युत कार्य और विद्युत पैनल के लिए आवश्यकतानुसार दोहरे अर्थिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
मेडिकल किट रखने के निर्देश
विद्युत नियंत्रण कक्ष या विद्युत पैनल और स्विच बोर्ड के पास रबर मैट, अग्निशामक यंत्र, सूखे बालू से भरी बाल्टियां और प्राथमिक उपचार बॉक्स अनिवार्य रूप से रखे जाएं। उन्होंने यह भी बताया कि वर्षा और पानी से बचाव के लिए विद्युत पैनल हेतु उचित आकार की वाटरप्रूफ छावनी की व्यवस्था की जानी चाहिए।
जनरेटर, स्विच बोर्ड, तार और अन्य विद्युत उपकरणों को अनाधिकृत व्यक्तियों की पहुंच से दूर रखा जाए और आवश्यकतानुसार सुरक्षा घेरा बनाया जाए। इसके अतिरिक्त, खतरे का बोर्ड प्रदर्शित करने और पिन प्लग-सॉकेट का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।
पोल पर सजावट न करने का निर्देश
सॉकेट में सीधे तार डालकर बिजली का उपयोग न किया जाए। सड़क के डिवाइडर पर लगे लोहे के घेरे और पोल पर अस्थायी विद्युतीकरण या सजावट का कार्य न करें। पूजा पंडाल विद्युत तार से कम से कम 5 फीट की दूरी पर बनाए जाएं और पंडाल में एमसीबी का प्रयोग अनिवार्य है।
पंडालों और सार्वजनिक स्थलों पर लाइटिंग, सजावट और अन्य विद्युत कार्य बिहार विद्युत आपूर्ति संहिता 2007 की धारा 6.1 के तहत होने चाहिए। इसमें विद्युत वायरिंग में प्रयोग होने वाली सामग्रियों की गुणवत्ता, अधिकृत व्यक्ति (उपभोक्ता के विद्युत ठेकेदार) द्वारा कार्य संपादन और जांच के उपरांत परीक्षण प्रतिवेदन के साथ वैध विद्युत संयोजन सुनिश्चित करना शामिल है।