सहरसा में सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल:स्थानीय लोगों ने एजेंसी पर मनमानी का लगाया आरोप, जांच की मांग।

सहरसा शहर में प्रशांत टॉकीज से आजाद चौक तक बन रही सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं। स्थानीय लोगों ने निर्माण एजेंसी पर मनमानी का आरोप लगाते हुए विभाग से जांच की मांग की है। यह सड़क मुख्यमंत्री शहरी आधारभूत संरचना योजना के तहत बुडको द्वारा बनाई जा रही है। प्रशांत टॉकीज से आजाद चौक तक लगभग 1100 मीटर लंबी इस सड़क की लागत करीब 1.28 करोड़ रुपए है। बुडको ने यह काम संवेदक आशीष रंजन को सौंपा है।

 

निर्माण कार्य 25 जुलाई 2017 को शुरू हुआ था और इसे छह महीने के भीतर पूरा करने की समय सीमा तय की गई थी। निर्माण में नियमों का किया जा रहा उल्लंघन स्थानीय निवासी नरेश कुमार और भूषण साह ने आरोप लगाया है कि निर्माण में नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। उनके अनुसार, स्टोन डस्ट के बजाय मिट्टी का उपयोग किया जा रहा है।

 

निवासियों का कहना है कि यदि इसी मिट्टी पर सड़क का निर्माण पूरा किया गया, तो यह कुछ ही महीनों में उखड़ जाएगी, जिससे करोड़ों रुपए की सरकारी राशि बर्बाद हो जाएगी। उन्होंने काम में जल्दबाजी और लापरवाही का आरोप लगाया है। गुणवत्ता जांच के लिए पत्र होगा जारी स्थानीय लोगों की आपत्तियों के बाद विभाग भी सक्रिय हुआ है। बुडको के सहरसा नगर निगम कार्यालय में पदस्थापित जूनियर इंजीनियर पूजा कुमारी ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में आया है।

 

संवेदक को गुणवत्ता जांच के लिए पत्र जारी किया जाएगा। जांच के बाद दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जाएगी। लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपए खर्च कर बन रही यह सड़क यदि टिकाऊ और गुणवत्तापूर्ण नहीं बनी तो यह जनता के साथ धोखा होगा। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि समय रहते कार्य की जांच कर सख्त कदम उठाए जाएं, ताकि सड़क लंबे समय तक उपयोगी बनी रहे।

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