बिहार में थमी बारिश, नवरात्रि में नहीं पड़ेगा असर।

लगातार कई दिनों तक हुई भारी बारिश के बाद अब बिहार में मौसम का मिज़ाज बदल रहा है। बारिश का दौर धीरे-धीरे थमने लगा है और आसमान में हल्के बादल और धूप की स्थिति देखने को मिल रही है। मौसम विभाग का कहना है कि इस साल नवरात्रि पर बारिश खलल नहीं डालेगी।

रविवार को विभाग ने राज्य के 26 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है, लेकिन इस दौरान भारी बारिश की संभावना नहीं जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों ने साफ किया है कि अगले कुछ दिनों तक केवल हल्की से मध्यम बारिश होगी। इसके बावजूद लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

मानसून थ्रो का पश्चिम बंगाल की ओर झुकाव

पटना मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार इस समय मानसून थ्रो  लाईन बिहार और झारखंड से हटकर पश्चिम बंगाल की ओर बढ़ रही है। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर एरिया सक्रिय है। इन दोनों कारणों से राज्य में नमी बनी हुई है और छिटपुट बारिश देखने को मिल रही है।

पिछले हफ़्ते हुई लगातार बारिश से कई जिलों में जलजमाव और ठनका गिरने की घटनाएँ हुई थीं। पटना, बक्सर, छपरा, रक्सौल और बांका जैसे शहरों में पानी भर गया था। शनिवार को सबसे ज़्यादा बारिश छपरा में दर्ज की गई, जहाँ 36.6 मिमी वर्षा हुई। पटना में भी कई इलाकों में सड़कें और कॉलोनियाँ पानी से भर गई थीं।

पटना रैनफाॅल की संभावना

मौसम विभाग का अनुमान है कि पटना और उसके आसपास के ज़िलों में रविवार को हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं, उत्तर बिहार के कुछ ज़िलों में केवल हल्की बारिश दर्ज होने की संभावना है।

दिन के समय आंशिक बादल छाए रहेंगे और बीच-बीच में धूप निकलने की भी संभावना है। यह स्थिति लोगों को हाल की लगातार बारिश से कुछ राहत दे सकती है। किसानों के लिए भी यह मौसम अहम है क्योंकि बारिश सीधे फसल पर असर डालती है।

तापमान में बढ़ोतरी का अनुमान

बारिश कम होते ही अब तापमान में बढ़ोतरी शुरू हो जाएगी। पटना का अधिकतम तापमान, जो हाल में 30 डिग्री सेल्सियस तक था, आने वाले दिनों में 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच सकता है। न्यूनतम तापमान करीब 25 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।

तापमान बढ़ने के साथ ही उमस भी बढ़ेगी, जिससे लोगों को असुविधा होगी। मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि 25 सितंबर तक ऐसी ही स्थिति बनी रहेगी और उसके बाद मानसून  फिर से सक्रिय होगा।

25 सितंबर से फिर सक्रिय होगा मानसून

मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 25 सितंबर से बिहार में मानसून  एक बार फिर सक्रिय होगा। इसके बाद राज्य में बारिश की गतिविधियाँ तेज़ हो सकती हैं। तब तक केवल हल्की फुहारें और तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

फिलहाल विभाग ने स्पष्ट किया है कि अगले कुछ दिनों में राज्य में भारी वर्षा का कोई खतरा नहीं है। फिर भी जिन ज़िलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है, वहाँ लोगों को सावधान रहने की सलाह दी गई है।

ज़िलों में बारिश का असर

पिछले दिनों हुई बारिश का असर कई ज़िलों में स्पष्ट दिख रहा है। पटना में जलजमाव ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित किया। बाज़ारों और आवासीय इलाकों में पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ।

छपरा में हुई भारी बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। यहाँ खेतों में पानी भर जाने से फसल पर असर पड़ा है। बक्सर, रक्सौल और बांका में ठनका गिरने और बिजली गुल होने की घटनाएँ सामने आईं। कई ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश के कारण सड़क मार्ग प्रभावित हुए।

नवरात्रि पर नहीं पड़ेगा असर

इस बार नवरात्रि का शुभारंभ 22 सितंबर से हो रहा है। श्रद्धालुओं के लिए राहत की बात यह है कि इस दौरान भारी बारिश का कोई पूर्वानुमान नहीं है।

त्योहार के मौके पर मंदिरों और पंडालों में सजावट का काम ज़ोरों पर है। आयोजक भी प्रसन्न हैं कि इस बार मौसम की बाधा के बिना लोग उत्सव में भाग ले सकेंगे।

किसानों की उम्मीदें मौसम से जुड़ी

बिहार का कृषि क्षेत्र पूरी तरह मानसून  पर निर्भर है। इस बार बारिश का असमान वितरण किसानों के लिए चुनौती बन गया। कुछ क्षेत्रों में अधिक वर्षा से फसल प्रभावित हुई, तो कुछ इलाकों में सूखे जैसी स्थिति बन गई।

अब जब विभाग ने कहा है कि 25 सितंबर से मानसून  दोबारा सक्रिय होगा, किसान उम्मीद कर रहे हैं कि देर से बोए गए धान की फसल को पर्याप्त पानी मिल सकेगा।

जनता को चेतावनी और स्वास्थ्य संबंधी सलाह

हालाँकि बारिश कम हुई है, लेकिन विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। यलो अलर्ट वाले जिलों में छिटपुट Thunderstorm और ठनका गिरने की संभावना बनी हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को खेतों और खुले मैदानों में जाने से बचने को कहा गया है।

स्वास्थ्य विभाग ने भी चेतावनी जारी की है कि जलजमाव से मच्छरों की संख्या बढ़ सकती है। इससे डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा है। लोगों को अपने घर और आस-पास के इलाकों को साफ रखने की सलाह दी गई है।

उमस बनेगी बड़ी चुनौती

आने वाले दिनों में सबसे बड़ी चुनौती उमस होगी। अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। इस दौरान हवा में नमी अधिक रहने से लोग चिपचिपाहट और थकान महसूस करेंगे।

शहरी क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को दिक्कत होगी, वहीं ग्रामीण इलाकों में खेतों में काम करने वाले मज़दूर भी प्रभावित होंगे। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि लोग पर्याप्त पानी पिएं, हल्के कपड़े पहनें और दिन में अधिक देर तक बाहर निकलने से बचें।

आने वाले हफ़्ते का मौसम

अगले हफ़्ते तक बिहार वेदर स्थिर रहेगा। उत्तर बिहार के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश होती रहेगी, जबकि पटना और आसपास के इलाकों में धूप-बारिश का खेल चलता रहेगा।

25 सितंबर से जब मानसून  दोबारा सक्रिय होगा, तब राज्य में बारिश की गतिविधियाँ बढ़ेंगी। इससे नदियों और जलस्तर में इज़ाफ़ा हो सकता है, लेकिन फिलहाल बाढ़ का ख़तरा नहीं है।

कुल मिलाकर बिहार में बारिश का दौर अब थमता नज़र आ रहा है। नवरात्रि के दौरान भारी बारिश की कोई संभावना नहीं है, जिससे श्रद्धालु और आयोजक दोनों राहत महसूस कर रहे हैं।

फिलहाल तापमान में बढ़ोतरी और उमस से लोग परेशान हो सकते हैं। किसानों के लिए माॅनसून का दोबारा सक्रिय होना बेहद महत्वपूर्ण होगा। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि अभी के लिए खतरा टल गया है, लेकिन सतर्क रहना ज़रूरी है।

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