नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र में हो रही लगातार मूसलाधार बारिश का असर अब दरभंगा में दिखने लगा है। कमला बलान नदी उफान पर है और इसका पानी घनश्यामपुर प्रखंड के आठ गांवों में घुस गया है। इन गांवों में चारों ओर पानी ही पानी नजर आ रहा है, जिससे गांव टापू में तब्दील हो गए हैं। हालात यह है कि ग्रामीण अपने बाल-बच्चों, मवेशियों और जरूरी सामानों के साथ ऊंचे स्थानों की ओर पलायन करने को मजबूर हो गए हैं।
बाऊर, नवटोलिया, बैजनाथपुर, कनकी मुसहरी, भरसाहा, कैथाही, रसियारी पुनर्वास टोला, लगमा मुसहरी और जमरी डीह टोल पूरी तरह बाढ़ की चपेट में हैं। इन गांवों का प्रखंड व जिला मुख्यालय से सड़क संपर्क टूट गया है। बाऊर-घनश्यामपुर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क पर तीन से चार फीट तक पानी बह रहा है। गांव की अधिकांश सड़कों पर बाढ़ का पानी चढ़ जाने से आवाजाही के लिए लोग नाव का सहारा ले रहे हैं।
बाढ़ का पानी तेजी से फैलने से पशु चारा, पेयजल, खाद्यान्न और ईंधन जैसी बुनियादी जरूरतों की समस्या गंभीर हो गई है। करीब 8 हजार की आबादी सीधे तौर पर प्रभावित है। लोग सुरक्षित ठिकानों की तलाश कर रहे हैं और प्रशासन से राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
मिड-डे मील योजना ठप
कमला बलान नदी झंझारपुर में लाल निशान से करीब 1.5 मीटर ऊपर बह रही है। नदी का पानी अब सरकारी विद्यालयों तक पहुंच गया है। मध्य विद्यालय बाऊर कन्या, मध्य विद्यालय नवटोलिया, मध्य विद्यालय रसियारी और प्राथमिक विद्यालय कनकी मुसहरी में पानी भर जाने से पढ़ाई और मिड-डे मील योजना ठप हो गई है।
बाढ़ से धान, मरुआ, मक्का, केला और मौसमी सब्जियों की खेती पूरी तरह बर्बाद हो गई है। खेत-खलिहान पानी में डूबा हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
तटबंध पर लगातार दबाव बना हुआ है। इसे देखते हुए विभागीय अधिकारियों ने बांध की निगरानी तेज कर दी है। कमजोर स्थानों की मरम्मत की जा रही है और बांध पर ही अधिकारी कैंप कर रहे हैं।
बांध पूरी तरह से सुरक्षित
बाढ़ प्रमंडल झंझारपुर टू के जेई अश्विनी कुमार ठाकुर ने आश्वस्त किया कि बांध पूरी तरह सुरक्षित है और स्थिति नियंत्रण में है। आरओ नीलोफर मलिका ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा कर हालात का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि प्रभावित इलाकों में नौ नावें चल रही हैं। अगर पानी की रफ्तार और बढ़ती है तो कम्युनिटी किचन चालू कर दिया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर नावों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।
घनश्यामपुर प्रखंड में कमला नदी की बाढ़ ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गांवों में जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है और प्रभावित लोग अब प्रशासन से ठोस राहत व बचाव कार्य की उम्मीद लगाए बैठे हैं।