समस्तीपुर से गायब 3 लड़िकयां पूर्णिया से रेस्क्यू:नेपाल-बांग्लादेश में बेचने की थी तैयारी।

समस्तीपुर के अंगारघाट थाना क्षेत्र से गायब हुई 3 नाबालिग छात्राओं को पुलिस ने पूर्णिया से बरामद कर लिया है। पुलिस ने 2 तस्करों को भी गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि, लड़कियों को नेपाल और बांग्लादेश में बेचने की तैयारी थी। दलालों ने इसके लिए सौदा भी कर लिया था, लेकिन बेचने से पहले पुलिस पहुंच गई।

तीनों लड़कियां एक ही गांव की रहने वाली हैं। 10 सितंबर को नौकरी की तलाश में अपने घर से निकली थीं, लेकिन रेलवे स्टेशन पर एक महिला तस्कर के चंगुल में फंस गईं।

आरोपियों की पहचान मधेपुरा जिले के रजनीबाग बभनगामा निवासी नीरज कुमार पासवान (32) और पूर्णिया जिले के कप्तान पारा मोहल्ले के अमित कुमार (23) के रूप में हुई है।

छापेमारी के दौरान गिरोह की 2 महिला सदस्य मौके से फरार हो गईं। पूर्णिया से समस्तीपुर लाने के बाद सदर अस्पताल में तीनों लड़कियों का मेडिकल कराया गया।

पुलिस ने लड़कियों का मेडिकल कराया।
तीनों लड़कियां घर से नौकरी की तलाश में निकली थीं।

दोस्त के कहने पर दिल्ली के लिए निकली थीं लड़कियां

जानकारी के मुताबिक 2 छात्राएं 11वीं और एक 10वीं में पढ़ती हैं। तीनों के घर की आर्थिक हालत ठीक नहीं है। छात्राओं ने पूछताछ के दौरान बताया कि ‘पिता लेबर हैं। राजमिस्त्री के साथ साइट पर गमला धोने का काम करते हैं। किसी तरह से परिवार का भरण-पोषण करते हैं।

गांव का एक परिवार दिल्ली में रहता है। उसकी बेटी इंटर में पढ़ती है। उसने कहा था कि दिल्ली आ जाओ कुछ काम मिल जाएगा। इसके बाद 10 सितंबर को घर से एक साथ स्कूल के बहाने निकलीं, लेकिन स्कूल नहीं जाकर समस्तीपुर जंक्शन पहुंच गईं।

काउंटर पर दिल्ली के लिए टिकट मांगा। काउंटर पर महिला कर्मी थी। उसने टिकट देने से मना कर दिया और कहा कि तुम लोग दिल्ली क्यों जा रही हो, तुम्हारे साथ कौन-कौन हैं। परिवार के लोग कहां हैं।

इसके बाद हम लोग टिकट काउंटर से अलग हट गए। यहीं पर तस्कर गैंग की महिला हमें मिली। उसने परिवार के बारे पूछा और मदद की बात करने लगी। हम लोग उसकी बातों में आ गए।

महिला के साथ एक युवक भी था, जिसका नाम मुकेश था। दोनों ने मुजफ्फरपुर में काम दिलाने की बात कही। सड़क के रास्ते मुजफ्फरपुर ले गयाजी, रात में मीना बाजार घुमाया।

होटल में खाना भी खिलाया। फिर बताया कि यहां पर काम नहीं मिल पाएगा। पूर्णिया में बात हुई है, वहां पर काम मिल जाएगा। तुम लोग हमारे साथ चलो।’

पुलिस ने 2 मानव तस्करों को गिरफ्तार किया है। गैंग की महिला सदस्य मौके से भाग निकली।

पूर्णिया पहुंचने के बाद पता चला कि हम लोग फंस गए हैं

पुलिस की पूछताछ में लड़कियों ने बताया कि ‘नौकरी मिलने की लालच में हम उन लोगों के साथ पूर्णिया चले गए। कप्तान पारा में हमें बंद कमरे में रखा गया था।

वहां पर निगरानी के लिए एक महिला को भी तैनात की गई थी। बाहर भी नहीं निकलने दिया जा रहा था। इसके बाद एहसास हुआ कि हम गलत लोगों के चंगुल में फंस गए हैं। बाहर निकलने का रास्ता ढूंढने लगे।

जिस महिला को निगरानी के रखा था, उसकी एक छोटी बच्ची भी थी। उससे दोस्ती बढ़ाई। उसके पास से मोबाइल लेकर अपने घर पर फोन किया। इसके बाद परिजन पुलिस के पास पहुंचे। पूर्णिया पुलिस के सहयोग से 17 सितंबर को बरामद कर लिया।

हालांकि छापेमारी के दौरान दोनों महिला और मुकेश मौके से फरार हो गया, लेकिन पुलिस ने अमित और नीरज को गिरफ्तार कर लिया। अमित और नीरज तीनों छात्रों को नेपाल और बांग्लादेश में बेचने के लिए सौदा कर दिया था। वहां से भेजने से पहले पुलिस पहुंच गई।

Darbhanga Office: