आगामी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर मधुबनी में तैयारियों की समीक्षा बैठक गुरुवार को समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने की। बैठक में गठित सभी 23 कोषांगों के नोडल पदाधिकारी और निर्वाची पदाधिकारी मौजूद थे।
“निर्वाचन कार्य में शिथिलता बर्दाश्त नहीं” डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिया कि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाए। उन्होंने कहा, “निर्वाचन कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” उन्होंने सभी कोषांगों की प्रगति की बारी-बारी से समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए। मतदाता जागरूकता पर जोर स्वीप कोषांग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने मतदाता जागरूकता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि शीघ्र ही विस्तृत स्वीप प्लान तैयार कर उसके अनुसार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, ताकि अधिक से अधिक मतदाता लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़ सकें।
कर्मियों का अद्यतन डेटा जल्द दें विभाग कार्मिक कोषांग की समीक्षा करते हुए डीएम ने सभी विभागों से कर्मियों का अद्यतन डेटा शीघ्र उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई विभाग डेटा छुपाता है तो संबंधित विभागाध्यक्ष पर निर्वाचन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
परिवहन और अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा परिवहन कोषांग की समीक्षा के दौरान वाहन ईंधन आपूर्ति के लिए पेट्रोल पंपों की पहचान, डिस्पैच सेंटर पर वाहन प्रबंधन और पार्किंग स्थल चिन्हित करने की स्थिति की जानकारी ली गई।इसके साथ ही ईवीएम प्रबंधन, प्रशिक्षण प्रबंधन, पोस्टल बैलेट, आदर्श आचार संहिता सहित सभी कोषांगों की कार्यप्रगति पर चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश – गंभीरता से निभाएं जिम्मेदारी जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने नोडल पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि नियमित बैठकें कर कार्यों में तेजी लाएं और अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी गंभीरता से करें।
उन्होंने कहा कि जल्द ही सभी कोषांगों के साथ अलग-अलग बैठकें आयोजित कर प्रगति की समीक्षा की जाएगी। वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद बैठक में डीडीसी सुमन प्रसाद साह, अपर समाहर्ता मुकेश रंजन, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी राजेश कुमार, जिला बंदोबस्त पदाधिकारी चंद्रशेखर आजाद, एडीएम नीरज कुमार, डीटीओ, डीपीआरओ परिमल कुमार, उप निर्वाचन पदाधिकारी प्रशांत कुमार सहित सभी संबंधित अधिकारी मौजूद थे।बैठक को जिले में चुनावी तैयारियों की गंभीरता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।