पटवारी मुंशी संघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष आनंद कुमार ने इस फैसले को लेकर खुशी जाहिर की है। उन्होंने बताया कि संघ ने सभी अंचल के कार्यरत पटवारी मुंशी की लिस्ट भूमि सुधार एवं राजस्व विभाग को सौंप दी है। उनका कहना है कि सरकार ने उनकी मांग को स्वीकार कर लिया है और अब जल्द ही सभी पटवारी मुंशी राजस्व मित्र के रूप में कार्य करेंगे।
आनंद कुमार ने यह भी कहा कि इस नए फैसले से कर्मचारियों को नया जोश मिलेगा और सरकार द्वारा चलाए जा रहे भूमि सर्वे महाअभियान को एक नई दिशा मिलेगी। पटवारी मुंशी संघ के अनुसार हमारा काम न केवल राज्य के भूमि सर्वे के कार्य में मदद करेगा बल्कि इस अभियान को सफल बनाने में भी हमारी अहम भूमिका होगी।
अधिकारियों से सहयोग की उम्मीद
विभागीय अधिकारियों से मिलकर पटवारी मुंशी संघ ने सभी अंचल के कर्मचारियों की लिस्ट को पेश किया। अवर सचिव द्वारा लिस्ट मांगे जाने के बाद इसे संबंधित विभाग को सौंपा गया। अब सरकार की ओर से जल्दी ही राजस्व मित्र के रूप में मानदेय के साथ कार्य करने का आश्वासन दिया गया है।
सरकार के फैसले से कर्मचारी उत्साहित
पटवारी मुंशी संघ के सदस्य इस फैसले से उत्साहित हैं और उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही इस बदलाव का लाभ उन्हें मिलेगा। संघ का कहना है कि राजस्व मित्र के रूप में कार्य करने से ना केवल उनके कार्य में तेजी आएगी बल्कि उन्हें सरकारी मान्यता भी मिलेगी। इससे राज्य सरकार के भूमि सर्वे अभियान को न केवल गति मिलेगी बल्कि पटवारी मुंशी के कार्यों की अहमियत भी बढ़ेगी।