खंडित तीनों मूर्ति का बूढ़ी गंडक नदी में किया गया विसर्जन, डॉ संजय कुमार ने मंदिर निर्माण में 11000 रुपए देने की घोषणा की।

BDO चिरंजीव पांडे ने बताया कि प्रतिमाओं का विसर्जन महंथ, जनप्रतिनिधि और ग्रामीणों के सहयोग से किया गया है। जल्द ही उसी स्थल पर तीनों प्रतिमाओं की पुनः प्राण-प्रतिष्ठा की जाएगी।

इसी मौके पर ग्रामीणों ने मंदिर निर्माण का निर्णय लिया। इसके लिए एक निर्माण समिति का गठन किया गया है। समिति में उपमुखिया राजकुमार सिंह को अध्यक्ष, पंसस अजीत कुमार सिंह को उपाध्यक्ष, सुधीर सिंह को सचिव और विमल सिंह को कोषाध्यक्ष बनाया गया है। बाल्मीकि सिंह और हरिवदन पंडित सदस्य होंगे।

मुखिया प्रतिनिधि ई. रंजीत कुमार पमपम ने मंदिर निर्माण के लिए 11 हजार रुपये का योगदान दिया। वहीं, जनसुराज के नेता और चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ. संजय कुमार ने स्थल का निरीक्षण कर कहा कि असामाजिक तत्वों का न कोई धर्म होता है और न कोई जात। समाज को एकजुट होकर इसका जवाब देना होगा। उन्होंने भी मंदिर निर्माण के लिए 11 हजार रुपये देने की घोषणा की।

ग्रामीणों का कहना है कि समाज की आस्था को ठेस पहुंचाने वाली इस घटना से वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। जल्द ही सहयोग और आपसी एकजुटता से एक भव्य मंदिर का निर्माण कराया जाएगा। मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे, जिनमें गुड्डू सिंह, शम्भू सिंह, आलोक कुमार, राहुल, पप्पू सिंह, शंकर चौधरी, गौतम कुमार, प्रिंस कुमार, मुकुंद कुमार और निर्मल कुमार शामिल थे।

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