समस्तीपुर में चाइल्ड एंड मैटरनिटी सेंटर बनकर तैयार:कुपोषित मां-बच्चों को पटना- दरभंगा जाने की जरूरत नहीं, सदर अस्पताल में मिलेगी सुविधा।

समस्तीपुर सदर अस्पताल परिसर में 100 वेडों की क्षमता वाला चाइल्ड एंड मैटरनिटी सेंटर बनकर तैयार हो गया है। विधानसभा चुनाव के घोषणा से पूर्व भवन का उद्घाटन किया जाएगा। भवन निर्माण विभाग ने इसे स्वास्थ्य विभाग को सौंप दिया है। भवन में अब जल्द ही चाइल्ड एंड मैटरनिटी शुरू हो जाएगा।

जहां कुपोषित मां और बच्चों का समुचित उपचार हो सकेगा। इलाज के लिए पटना, दरभंगा जाने की जरूरत नहीं है। अभी गंभीर रूप से बीमार मां और शिशु को बेहतर उपचार के लिए डीएमसीएच या पीएमसीएच रेफर कर दिया जाता है। इस भवन के निर्माण पर करीब 33 करोड़ रुपए खर्च हुआ है।

चाइल्ड एंड मैटरनिटी सेंटर बनाकर तैयार
केंद्र के शुरू होने पर मिलेंगी ये सुविधाएं

इस केंद्र के शुरू होने के साथ ही भवन में स्पेशल चाइल्ड केयर यूनिट के साथ, पिकू वार्ड को भी यहीं शिफ्ट किया जाएगा। आईसीयू की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई गई है। इसी भवन में पैथोलॉजी जांच को भी शिफ्ट करने की तैयारी है। भवन में नए उपस्कर लगाए गए हैं। जिससे मरीजों को बेहतर से बेहतर सुविधा मिलेगी। विशेषज्ञ डॉक्टर के साथ कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।

आर्थिक दोहन के शिकार से बचेंगे मरीज

सेंटर के शुरू होने के बाद आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को राहत मिलेगी। निजी क्लीनिक के आर्थिक दोहन से बच सकेंगे। इसमें मां और नवजात के इलाज से जुड़ी सारी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। अत्याधुनिक सुविधा, विशेषज्ञ चिकित्सकों के अलावा पैथोलॉजीकल जांच की भी व्यवस्था होगी। हॉस्पिटल शुरू होने पर जच्चा-बच्चा को बेहतर इलाज मिल सकेगा, जिससे मौतों की संख्या में कमी आएगी।

इसी भवन में मरीजों को मिलेगी सुविधा।
15 बच्चों की होती है हर महीने मौत

जिले भर में एक माह में औसतन 15 बच्चों की मौत बेहतर उपचार नहीं होने के कारण हो जाती है। स्वास्थ्य विभाग का आंकड़ा देखें तो जिले के विभिन्न अस्पतालों में एक माह में औसतन 0 से 5 वर्ष के कम से कम 15 बच्चों की मौत उचित उपचार और देखरेख के अभाव में हो जाती है। सदर अस्पताल में चाइल्ड एंड मैटरनिटी सेंटर के खुल जाने से उन बच्चों उपचार देने में सुविधा मिलेगी। मौत का आंकड़ा घटेगा।

 

Darbhanga Office: