बिहार राज्य महिला आयोग में पटना जिला से संबंधित लंबित मामलों की सुनवाई थी। इसके लिए 6 दिन का कैंप लगाया गया था।
6 अगस्त से लेकर 13 अगस्त तक पटना के 613 लंबित मामलों में 532 मामलों का निष्पादन किया गया।
वहीं, 81 केसों में अगली तिथि का निर्धारण किया गया। इस 6 दिवसीय कैंप के अन्तर्गत 185 नया मामला भी आयोग में दर्ज किया गया।
सुनवाई के दौरान कई घृणित चेहरे देखने को मिले
महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा मिश्रा ने कहा कि हम लोगों ने ‘महिला आयोग आपके द्वार’ कार्यक्रम के तहत इससे पहले तीन जिले में कार्यक्रम किया था।
उसके बाद पटना में भी बहुत सारे लंबित मामले थे, जिनको लेकर के हमने 6 दोनों का कैंप लगाया था। इसमें सबसे ज्यादा मामले महिला उत्पीड़न, मारपीट के थे।
इसके अलावा दो-तीन आश्चर्यजनक मामले भी सामने आए, जिसमें पति ने दो शादी कर ली थी। इसके अलावा हमारे पास कई घृणित चेहरे वाले मामले भी आए, जो सभ्य समाज की परिपाटी नहीं है। लिव इन रिलेशन वाले भी मामले भी आए जिसमें लड़का, लड़की को छोड़कर भाग चुका है और उसे अपनाने को तैयार नहीं है।
आयोग के पुनर्गठन के बाद 459 मामले किए गए थे दर्ज
9 जून को आयोग का पुनर्गठन के बाद अबतक कुल 459 मामले दर्ज किए गए, जिसकी सुनवाई कर 382 मामलों का निष्पादन किया गया है। शेष 77 मामलों में अगली तिथि का निर्धारण किया गया है। इसके साथ ही संबंधित पुलिस पदाधिकारी और जिलाधिकारी को पत्र लिखकर प्रतिवेदन की मांग की गई है।