मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को मधुबनी जिले के लौकही में 649.66 करोड़ रुपए की विकास योजनाओं का शिलान्यास किया। उन्होंने प्रगति यात्रा के दौरान की गई घोषणाओं को धरातल पर उतारने की दिशा में यह कदम उठाया। मुख्यमंत्री सूर्य प्रसाद प्लस टू उच्च विद्यालय परिसर में बने हेलीपैड पर उतरे। वहां से निश्चय रथ पर सवार होकर रोड शो करते हुए कार्यक्रम स्थल पहुंचे। लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
मुख्यमंत्री ने हाथ जोड़कर अभिवादन स्वीकार किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने 178 करोड़ रुपए की लागत से राष्ट्रीय उच्च पथ 527 बी पर खजौली रेलवे स्टेशन और जयनगर रेलवे स्टेशन के बीच समपार संख्या 39सी पर आरओबी और पहुंच पथ निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। इसके अलावा 264.93 करोड़ रुपये की लागत से जल संसाधन विभाग द्वारा पुरानी कमलाधार, जीवछ कमला और पुरानी कमला नदी के पुनर्जीवन कार्य की शुरुआत की।
161.08 करोड़ रुपए की लागत से पुरानी कमला और जीवछ कमला नदी पर चार बीयर और अन्य संरचनाओं के निर्माण कार्य का भी शिलान्यास किया गया। इन योजनाओं से सिंचाई सुविधा बढ़ेगी और बाढ़ नियंत्रण में मदद मिलेगी। कुल 160 किलोमीटर क्षेत्र में यह कार्य होगा। इससे मधुबनी के खजौली, राजनगर, पंडौल और दरभंगा के केवटी, दरभंगा सदर, बहादुरपुर, बहेरी, बेनीपुर, बिरौल, कुशेश्वरस्थान पूर्वी और पश्चिमी प्रखंडों को लाभ मिलेगा। नदियों को जोड़ने से सूखे क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति होगी। लगभग 6089 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी।
इससे मछली, मखाना और सिंघाड़ा जैसे जलीय उत्पादों की पैदावार बढ़ेगी। मुख्यमंत्री ने 14.53 करोड़ रुपए की लागत से रामपट्टी के पास अंतरराज्यीय बस अड्डे के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। वर्तमान बस अड्डा गंगासागर चौक पर है, जहां जाम और प्रदूषण की समस्या है। नया बस अड्डा शहर से 5 किलोमीटर दूर होगा। इससे शहर को जाम और प्रदूषण से राहत मिलेगी। साथ ही 31.13 करोड़ रुपये की लागत से हरलाखी प्रखंड स्थित फुलहर स्थान को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना का शिलान्यास किया गया। यह वही स्थान है जहां भगवान राम और माता सीता का प्रथम मिलन हुआ था। यहां राजा जनक का फूलों का बगीचा और गिरजा स्थान मंदिर स्थित है। 2020 में इसे तीर्थ स्थल का दर्जा मिला। इसके विकास से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों की आय बढ़ेगी।
फुलहर स्थान को भी पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा