बिहार में मानसून ने फिर से रफ्तार पकड़ ली है. पटना समेत कई जिलों में तेज बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. मौसम विभाग ने अगले तीन घंटे में राज्य के 8 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है.
बिहार के इन 8 जिलों में अगले तीन घंटे में होगी भयंकर बारिश! IMD ने जारी की चेतावनी
बिहार में मानसून एक बार फिर जोर पकड़ चुका है. बुधवार की सुबह से राजधानी पटना सहित राज्य के कई जिलों में रुक-रुककर तेज बारिश हो रही है. राजधानी के बोरिंग रोड, कंकड़बाग, दानापुर, बिहटा, जगदेव पथ समेत कई इलाकों में पानी भर गया है. बोरिंग कैनाल रोड में पेड़ गिरने से सड़क पर चार घंटे तक जाम लगा रहा. नगर निगम की टीम ने पेड़ काटकर और मलबा हटाकर रास्ता साफ कराया. … राज्य के 8 जिलों में अगले तीन घंटे में होगी बारिश वहीं मौसम विभाग ने तात्कालिक अलर्ट जारी किया है.
राज्य के 8 जिलों पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सिवान, समस्तीपुर, नवादा, शेखपुरा, लखीसराय और बेगूसराय में मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवा के साथ अगले तीन घंटे में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. बुधवार को 20 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने राज्य के 20 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है. अरवल, गया, नालंदा, पटना समेत 15 जिलों में मध्यम से भारी बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी है. वहीं, पांच जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी है, जहां अति भारी बारिश की संभावना है.
औरंगाबाद में अस्पताल में घुसा पानी औरंगाबाद में झरी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से अटल बिगहा गांव में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. सदर अस्पताल में पानी भरने से मरीज परेशान हैं. शेरघाटी में पुल बह जाने से फतेहपुर, पलकिया, शेरपुर समेत कई गांवों का संपर्क शहर से टूट गया है. यहां करीब 5 हजार लोग प्रभावित हैं. मुंगेर में बह गया डायवर्सन मुंगेर में गुहिया नदी का पानी डायवर्सन बहा ले गया, जिससे तारापुर-खड़गपुर सड़क ठप हो गई. सासाराम में सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया है. बेगूसराय में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान पर है और तेघड़ा प्रखंड में कटाव तेज हो गया है, जिससे 30 हजार की आबादी खतरे में है.
चानन नदी का जलस्तर 81.6 सेंटीमीटर तक पहुंचा बांका में तीन दिनों से जारी बारिश से चानन नदी का जलस्तर 81.6 सेंटीमीटर तक पहुंच गया है. यहां भी बाढ़ जैसे हालात हैं. समस्तीपुर में भी जलजमाव से मोहल्ले डूबे हुए हैं. पटना नगर निगम क्षेत्र के वार्ड 47 की अजीमाबाद कॉलोनी, महावीर कॉलोनी और पंचवटी नगर पानी में डूबे हैं, जहां कोचिंग और शिक्षण संस्थान सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं.