दरगाह चौक मोहल्ले में जलजमाव से परेशानी, सब्जी-दूध वाले भी नहीं आते।

मधुबनी के दरगाह चौक में जलजमाव ने सामान्य जीवन को प्रभावित किया है। यहाँ की सड़कें हर मौसम में डूबी रहती हैं, जिससे बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं और लोग बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। स्थानीय

 

दरगाह चौक मोहल्ले में जलजमाव से परेशानी, सब्जी-दूध वाले भी नहीं आते मधुबनी । दरगाह चौक की हालत इतनी बदतर हो चुकी है कि यह किसी शहर का हिस्सा नहीं बल्कि उपेक्षित बाढ़ग्रस्त क्षेत्र की तस्वीर पेश करता है। सड़क पर जमा डेढ़ फीट तक पानी अब जीवन की सामान्य गतिविधियों का हिस्सा बन चुका है। स्थानीय निवासी बताते हैं कि यहां की सड़क हर मौसम में डूबी रहती है। वर्षा के दिनों में स्थिति और भयावह हो जाती है। स्कूली बच्चों से लेकर दुधमुंहे बच्चों की माताएं तक जलजमाव के कारण घरों में कैद हो जाते हैं। सड़कें जर्जर हो चुकी हैं, बाइक और स्कूटी आए दिन गिर रहे हैं। इंजन तक में पानी चला जाता है।

 

वृद्ध महिलाएं गिरकर घायल हो रही हैं, बच्चों में जलजनित बीमारियां आम हो गई हैं। स्थानीय दाई देवी के गिरने से पेट की हड्डी टूट गई है, वह खाट पर पड़ी हैं। इसी तरह निर्मला देवी, ललिता देवी, नाथ निशाल सहित कई अन्य घायल हो चुके हैं। बस्ती में गैस सिलेंडर, दूध, सब्जी जैसी बुनियादी चीजें पहुंचनी बंद हो गई हैं। रिक्शा और ई-रिक्शा चालक यहां आना छोड़ चुके हैं। बीमारों को उठाकर बाहर लाना पड़ता है, फिर वाहन से अस्पताल।

 

सबसे शर्मनाक बात यह है कि ठीक सामने मध्य विद्यालय होने के बावजूद बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे। छोटी उम्र के बच्चे पूरी तरह घरों में बंद हैं, बड़े बच्चे कपड़ा समेटकर पानी से होते हुए स्कूल पहुंचते हैं। स्थानीय निवासियों ने कई बार नगर निगम और अधिकारियों से गुहार लगाई है, पर अब तक कोई हल नहीं निकला। लोगों का आरोप है कि शहर के रसूखदार इलाकों में बिना एनओसी के भी सड़क और नाला निर्माण हो जाता है, लेकिन इस गरीब बस्ती की चीख तक नहीं सुनी जाती।

 

यहां के रामखेलावन महतो, राजेंद्र महतो, बृहस्पति महतो से लेकर निर्मला देवी, चंद्रकला देवी तक सभी एक ही बात कहते हैं, उनका कसूर सिर्फ इतना है कि यहां के लोग मेहनतकश व गरीब हैं, इसकारण कोई सुनने वाला नहीं है। प्रशासनिक लापरवाही बनी कारण: दरगाह चौक से लगा एक पोखर था, जिसमें पहले पानी निकलता है। लेकिन अब उस पोखर के मालिक ने बहाव को रोक दिया है। इस कारण पूरा मोहल्ला तालाब में बदल गया है। पहले प्रस्ताव बना था कि स्कूल की ओर से नाला बनाया जाए और पानी सीधे निकाला जाए, पर वह योजना भी धरी रह गई। बस्ती में सड़क व नाला नहीं बना है। एक समय की सुविधाजनक बस्ती अब बीमारी, दुश्वारी और अभाव की बस्ती बन चुकी है।

 

लोग बताते हैं कि अगर जल्द ही नाला और सड़क का निर्माण नहीं हुआ, तो बीमारियों और दुर्घटनाओं की संख्या और बढ़ेगी। निगम को जगाने के लिए अब लोगों को आंदोलन की राह चुननी पड़ेगी। रामप्रसाद महतो, निर्मला देवी अब बच्चों को स्कूल नहीं भेजतीं । उनका कहना है कि बच्चे बीमार पड़ जाएं उससे अच्छा है घर बैठे। इलाज के लिए भी निकल पाना मुश्किल है। मिथुन महतो ने बताया कि अब यह रोज की मुसीबत है। इससे निजात दिलाने के लिए प्रशासन काे पहल करनी चाहिए।

 

जलजमाव से 70% लोगों के पांव में दिक्कत दरगाह चौक की जलजमाव समस्या अब स्थायी हो चुकी है। पहले यह केवल बरसात का संकट था, अब हर मौसम में यही हाल है। मोहल्ले की सड़कें लगभग डूब चुकी हैं, नाले का निकास बंद है, और सड़कें कीचड़ का अड्डा बन चुकी हैं। बच्चे गिरते हैं, महिलाएं घायल होती हैं, बाइक-स्कूटी खराब होती है। छोटी बच्चियों की पढ़ाई ठप है। मोहल्ले के लोग अब दूध और सब्जी के लिए बाहर तक चलकर जाते हैं। गैस सिलेंडर भी बस्ती के बाहर रख दिया जाता है, जिसे महिलाएं खुद खींच-ढोकर लाती हैं।

जलजमाव के कारण 70 फीसदी लोगों के पांव सड़ गए हैं, कुछ के पांव में मवाद और सूजन है। दिलीप राम गैस सिलेंडर कंधे पर ढोते हैं, क्योंकि डिलीवरी वाला अब बाहर ही रुक जाती है। अधिकारियों को कई बार ज्ञापन दिए, कोई कार्रवाई नहीं हुई सामुदायिक नेतृत्वकर्ता दिलीप राम का कहना है कि दरगाह चौक की हालत बेहद दयनीय है। यह केवल एक मोहल्ला नहीं, एक जलजमाव से ग्रसित समाज है जो हर रोज अपने हक के लिए संघर्ष कर रहा है।

 

महिलाओं, बच्चों और वृद्धों के लिए यह बस्ती अब संकट का केंद्र बन चुकी है। लोगों ने कई बार अधिकारियों को ज्ञापन दिया, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। यह सवाल सिर्फ जल निकासी या सड़क का नहीं, प्रशासनिक संवेदनहीनता का भी है। नगर निगम को अब सिर्फ आश्वासन नहीं, धरातल पर ठोस काम करना होगा। ——-बोले जिम्मेदार——– यहां की समस्या पुराने नाला व और निचले भू-भाग के कारण उत्पन्न हुई है। विभाग द्वारा तकनीकी टीम से स्थल निरीक्षण कराया गया है।

 

जल्द ही प्रस्ताव तैयार कर नाले के पुनर्निर्माण और सड़क उन्नयन का कार्य शुरू किया जाएगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों को दिक्कत न हो। शहर में जहां भी जल निकासी का मार्ग अवरुद्ध है, वहां वैकल्पिक निकासी व्यवस्था की जाएगी। मोहल्ले के लोगों को दिक्कत नहीं हो, इसका प्रयास किया जाएगा। -अनिल कुमार चौधरी, नगर आयुक्त

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