समस्तीपुर में पूर्व मंत्री रामाश्रय सहनी के बेटे मुकेश सहनी पर रेप-अपहरण का आरोप लगाने वाली नाबालिग लड़की बार-बार अपना बयान बदल रही है। अब छेड़खानी का आरोप लगा रही है। ऐसे में आज कोर्ट में लड़की का 164 के तहत बयान दर्ज होगा। इस बयान से ही पूरे मामले की दशा और दिशा तय होगी।
एएसपी संजय पांडेय ने कहा कि मामला गंभीर है। आरोप पूर्व मंत्री के बेटे पर है। इसलिए पीड़िता का 164 का बयान कराया जाना जरूरी है। मुफस्सिल पुलिस मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराएगी। फिलहाल इस मामले में छेड़खानी की प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपी के ड्राइवर रघुवीर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
जबरन बाइक पर बिठा लिया
दर्ज FIR में नाबालिग ने बताया, ‘शौच के लिए घर से निकली थी, तभी पूर्व मंत्री रामाश्रय सहनी के पुत्र मुकेश सहनी और ड्राइवर रघुवीर कुमार ने जबरन बाइक पर बैठा लिया। रास्ते में उसके साथ गलत हरकतें की। दोनों ने उसे खेत के पास से उठाया था। अलग-अलग जगहों पर ले जाकर परेशान किया। बाद में सुनसान जगह पर छोड़ दिया। बाद में अपने परिचितों की मदद से समस्तीपुर पहुंची और मुफ्फसिल थाने में शिकायत दर्ज कराई।’
आक्रोशित भीड़ ने पुलिस की गाड़ी को क्षतिग्रस्त कर दिया था।
रेप का ऑडियो सामने आने पर मचा था बवाल
इस मामले में लड़की का एक ऑडियो भी सामने आया था। जिसमें वो कह रही है, ‘मम्मी सॉरी मैं घर से भाग रही हूं। मुकेश सहनी ने मेरा वीडियो बना लिया। मैं खेत में चली गई। वो पकड़कर मुझे रोड पर ले गया और रेप किया। मैं भाग रही हूं। सॉरी मम्मी-पापा।’
शुक्रवार रात से गायब लड़की को पुलिस ने शनिवार शाम 5 बजे बरामद कर लिया है। मामला मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के एक गांव का है।
कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची थी
ऑडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों ने पूर्व मंत्री के घर का घेराव कर दिया। पुलिस मौके पर पहुंची तो लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा। लोगों ने पुलिस की गाड़ी को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके बाद कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया।
ग्रामीणों के आक्रोश के बीच पहुंची थी पुलिस।
विवाद बढ़ने पर दी सफाई
पूर्व मंत्री रामाश्रय सहनी ने कहा कि मेरे बेटे को राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। रात में मेरा ड्राइवर घर से निकला था। लड़की और अंशु नामक लड़का को संदिग्ध स्थिति में देखकर उसका वीडियो बना लिया था। बाद में उसने मेरे बेटे को भी मामले की जानकारी दी थी। मेरा बेटा भी मौके पर पहुंचा था। इस दौरान लड़की उस लड़के के साथ बाइक पर बैठकर चली गई थी।
मामला दूसरा रूप ले ले इसलिए लड़की ने घर पर फोन कर गलत जानकारी दी। मामले में जो बाकी आरोपी और ग्रामीण थे, उनके साथ सुबह से बैठक की गई थी। सच्चाई सामने रखी गई थी, लेकिन कुछ लोग बेवजह मामले को तूल दे रहे हैं। अपने चालक को पूछताछ के लिए पुलिस के हवाले किया है। घटना में मेरे बेटे की कोई भूमिका नहीं है। अगर उसकी संलिप्तता आएगी तो पुलिस कार्रवाई करे।
भतीजी को घर से उठा ले गया था
वहीं, लड़की के चाचा ने कहा था ’12 बजे पूर्व मंत्री का छोटा बेटा घर से मेरी भतीजी को उठा ले गया था। उसके साथ रात में क्या किया ये तो भगवान ही जानते हैं। पूर्व मंत्री के घर आएं तो कहा गया शांति रखिए और मामले को दबा दीजिए। मैंने कहा ऐसा नहीं हो सकता। इसके बाद मैंने थाने को सूचना दी।’
‘हंगामे के दौरान पूर्व मंत्री के परिवार ने अपने घर का ग्रिल बंद कर लिया और पुलिस को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस की गश्ती दल मौके पर पहुंची। जिसके बाद लोगों का आक्रोश और भड़क उठा। लोगों ने गश्ती दल पर पथराव कर दिया। पुलिस की गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई।’
‘लोगों के गुस्से को देखकर पुलिस को वहां से निकलना पड़ा। जानकारी मुख्यालय को दी गई। जिसके बाद भारी संख्या में पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। तब स्थिति को नियंत्रण में लिया गया।’