दरभंगा के कंपाउंड प्रकाश झा के बेटे प्रिंस राज ने नीट में 390 रैंक हासिल कर मिथिलांचल का नाम रोशन किया है.
दरभंगा:कहते हैं कि मेहनत अगर सच्चे दिल से की जाए तो किस्मत भी साथ देती है. दरभंगा के एक कंपाउंडर पिता का बेटा इसका जीता-जागता उदाहरण बन गया है. कठिन परिस्थितियों में पढ़ाई कर उसने NEET में 390वीं रैंक हासिल यह साबित किया कि संघर्ष ही सफलता की सबसे बड़ी सीढ़ी है.
नीट में प्रिंस राज को मिला 390वीं रैंक: दरभंगा नीट यूजी का परिणाम शनिवार को घोषित किया गया. इसमें जिले के बहुत सारे बच्चों को सफलता हासिल हुई हैं. वहीं दरभंगा के सुरहापट्टी गांव निवासी प्रकाश झा और मेनिका कुमारी के पुत्र प्रिंस राज ने पूरे देश में अपनी कैटेगरी में 390 रैंक हासिल कर परिवार सहित पूरे मिथिलांचल का नाम रोशन किया. इस सफलता से घर के लोग जहां गदगद हैं. लोगों ने उन्हें माला पहनाकर मिठाई खिलाकर बधाई दी.
दरभंगा के प्रिंस राज
“सफलता का डगर थोड़ा कठिन था लेकिन, मम्मी-पापा के साथ ओमेगा स्टडी सेंटर में रहकर मैं पढ़ाई की उनको इस सफलता का श्रेय जाता है. पिता जी हमारे ग्रामीण इलाके में कंपाउडर का काम करते हैं तो आर्थिक बाधा आई, लेकिन संस्थान के सुमित सर के योगदान से हम आज यह मुकाम हासिल किये हैं. नीट में चयन होने के बाद परिवार के सभी लोग खुश हैं.”-प्रिंस राज, 390वीं रैंक
संघर्ष से सफलता तक का सफर: प्रिंस के पिता प्रकाश कुमार एक कंपाउंडर हैं और ग्रामीण इलाकों में सेवा करते हैं. आर्थिक चुनौतियां शुरू से थीं, लेकिन बेटे के सपने को उन्होंने कभी मरने नहीं दिया. प्रिंस ने ओमेगा स्टडी सेंटर में रहकर पढ़ाई की और कड़ी मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल किया.
प्रिंस राज की सफलता पर जश्न
पिता की आँखों में गर्व के आंसू: प्रिंस राज के पिता प्रकाश कुमार भावुक होकर कहते हैं कि हमारे पास ज्यादा कुछ नहीं था, लेकिन सपना बड़ा था कि बेटा डॉक्टर बने. आज जब उसका चयन हुआ है तो लग रहा है जैसे मेरी पूरी जिंदगी की तपस्या सफल हो गई. आज हम नीट के रिजल्ट आने के बाद काफी भावुक हो गये थे. मेरा बच्चा शुरू से ही मेहनती था इस पर हमें गौरव है.
“प्रिंस राज शुरू से मेहनती था. बस थोड़ा अंतर आत्मा को जगाने का काम हमारे संस्थान के शिक्षकों ने किया हैं और आगे भी इस बच्चों को जहां जरूरत होगी हमारा संस्थान साथ खड़ा रहेगा.”-सुमित चौबे, मेंटोर
4 मई को हुई थी परीक्षा: नीट यूजी 2025 का आयोजन 4 मई 2025 को पूरे देश भर में एक शिफ्ट में हुआ था. परीक्षा में इस बार 22.7 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे, जिसमें कुल 12.36 लाख छात्रों ने क्वालीफाई किया है. देशभर में एमबीबीएस कोर्स के लिए 118190 सीटें उपलब्ध है. परीक्षा में राजस्थान के छात्रों का खासा दबदबा देखने को मिल रहा है. टॉप टेन में 3 छात्र राजस्थान के कोटा शहर से हैं. वहीं कुछ छात्र परीक्षा को लेकर न्यायालय में गए हैं, जिसके कारण उनका रिजल्ट नहीं आया है. मध्य प्रदेश के 75 छात्रों को छोड़कर बाकी सभी परीक्षार्थियों का रिजल्ट जारी किया गया है.
बिहार के टॉप कॉलेज में इतने रैंक पर एडमिशन:बिहार के टॉप 5 मेडिकल कॉलेज की बात करें तो एम्स पटना के लिए अभ्यर्थियों का अनुमानित रैंक 1 से 2000 के बीच होना चाहिए. पीएमसीएच के लिए 2000 से 5000 के बीच, वीआईएमएस के लिए 5000 से 8000, आइजीआइएमएस के लिए 8000 से 15000 और एनएमसीएच के लिए 15000 से 20000 के बीच रैंक होना चाहिए.