समस्तीपुर में जदयू कार्यकर्ताओं का सम्मेलन, पूर्व सांसद ने कहा- नीतीश कुमार ने शिक्षा को विस्तारित किया।

समस्तीपुर में जदयू शिक्षा प्रकोष्ठ के बैनरतले सोमवार को जदयू कार्यकर्ताओं का एक सम्मेलन आयोजित हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व राज्यसभा सांसद सह जदयू के राष्ट्रीय चुनाव प्रभारी अनिल हेगड़े , जदयू शिक्षा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष सुनील कुमार मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता और संचालन जदयू शिक्षा प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष राजीव मिश्रा ने की।

पूर्व राज्यसभा सांसद अनिल हेगड़े ने संकहा कि 2005 के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार की शिक्षा को मजबूत और विस्तारित किया है। 2005 में शिक्षा का कुल बजट 4,366 करोड़ रुपए थे, जो अब वर्ष 2024-25 में 77,690 करोड़ रुपए हो गए हैं। जो कुल बजट का 22 प्रतिशत है।

बड़ी संख्या में नए विद्यालय खोले गए हैं। 2005 में जहां कुल 53 हजार 993 विद्यालय ही थे। 2025 में यह संख्या बढ़कर 75 हजार 812 हो गई है। अब 97.61 प्रतिशत टोलों में विद्यालय हैं।

सभी पंचायतों में उच्च विद्यालय की स्थापना और 12वीं की पढ़ाई शुरू की गई ताकि छात्राओं को सुविधा हो।

कार्यक्रम का उद्घाटन करते पूर्व राज्य सभा सांसद।
शिक्षकों की संख्या लगातार बढ़ाई गई

कहा कि शिक्षकों की संख्या लगातार बढ़ाई गई है। बिहार लोक सेवा आयोग के माध्यम से वर्ष 2024 में 2,38,744 शिक्षक नियुक्त किए गए और 2025 में 36,947 प्रधान शिक्षकों और 5,971 प्रधानाध्यापकों की नियुक्ति की गई।

राज्य के सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को देखते हुए सरकार ने 2006 से स्थानीय निकायों के माध्यम से 3,68,000 शिक्षकों का नियोजन किया। 2023 में राज्य सरकार ने शिक्षकों की नियुक्ति बिहार लोक सेवा आयोग के माध्यम से करने का निर्णय लिया, जिसमें 28,976 नियोजित शिक्षक भी उत्तीर्ण हुए।

सरकार ने तय किया है कि अब इन्हें बिहार लोक सेवा आयोग की परीक्षा देने की आवश्यकता नहीं है। सरकार ने यह भी निर्णय लिया कि शेष 3,39,024 नियोजित शिक्षकों के लिए एक साधारण सक्षमता परीक्षा लेकर उन्हें राज्यकर्मी का दर्जा दिया जाए।

दो चरणों की सक्षमता परीक्षा में कुल 2,53,961 नियोजित शिक्षक उत्तीर्ण होकर राज्यकर्मी हो गए हैं। बचे हुए 85,063 नियोजित शिक्षकों के लिए सक्षमता परीक्षा के तीन अवसर उपलब्ध हैं।

 

Darbhanga Office: