बिहार में नीतीश कुमार और लालू यादव के शासन में कोई विशेष भिन्नता नहींः पीके।

बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर एनडीए और महागठबंधन के अलावा प्रशांत किशोर की जनसुराज भी उतरने की तैयारी में लगी है. इसे लेकर पीके इन दिनों प्रदेश में दौरे पर हैं. इसी क्रम में पीके दरभंगा पहुंचे. यहां जनसुराज के संयोजक पीके ने पत्रकारों से बातचीत के क्रम में नीतीश और लालू यादव दोनों को निशाने पर लिया. पीके ने कहा कि बिहार में नीतीश कुमार और लालू यादव के शासन में कोई विशेष भिन्नता नहीं है. दोनों ही सरकारों में लूट का माहौल व्याप्त है और जनता की स्थिति दयनीय बनी हुई है.

बिहार में बदलाव अवश्यंभावी है

प्रशांत किशोर ने कहा कि लालू के शासन में अपराधी रात के समय लोगों को लूटते थे, जबकि अब नीतीश के शासन में अधिकारी दिन के उजाले में लूटपाट कर रहे हैं. पीके ने यह भी स्पष्ट किया कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नहीं होंगे. दावा किया कि अब किसी भी परिस्थिति में नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री नहीं बन सकते. कहा कि बिहार में बदलाव अवश्यंभावी है. बिहार का नेतृत्व कौन करेगा, यह अगले छह महीने के चुनावों के बाद स्पष्ट हो जाएगा.

पीके ने शासन व्यवस्था पर कहा कि जैसे लालू जी के शासन में अपराधी किसी से भयभीत नहीं होते थे, ठीक उसी प्रकार वर्तमान में अधिकारी भी किसी से नहीं डरते हैं. दोनों ही नेताओं के शासनकाल में केवल बिहार की जनता का ही शोषण हुआ है. पीके ने कहा कि यही कारण है कि बिहार की जनता दोनों पार्टियों से मुक्ति की आकांक्षा रखती है.

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