कई बार हमारे सामने ऐसी खबरें आ जाती हैं जो न केवल अपने आप में अनूठी होती हैं, बल्कि हमें हैरान भी कर जाती हैं. बिहार के पूर्णिया में पुलिस परिवार परामर्श केंद्र ने एक ऐसा ही कमाल का फैसल..
गजब! एक पति को दो पत्नी के बीच बांट डाला, बॉंड भरा और दिन तय हो गया… पूर्णिया के परिवार परामर्श केंद्र में एक पति का दो पत्नियों के बीच बंटवारे का फैसला.
परिवार परामर्श केंद्र का अनोखा फैसला, दो पत्नियों के बीच पति का हुआ बंटवारा. बिहार के पूर्णिया जिले के परिवार परामर्श केंद्र में सामने आया अजब-गजब मामला. दो पत्नियों के बीच बंटवारे में चार दिन पहली तो तीन दिन दूसरी के साथ रहेगा पति. पूर्णिया. बिहार के पूर्णिया में पुलिस परिवार परामर्श केंद्र में एक अनोखा मामला सामने आया है.
यह ऐसा मामला था कि परामर्श केंद्र के सदस्य भी समझ नहीं पा रहे थे कि इस समस्या को कैसे सुलझाया जाए. सदस्यों ने काफी दिमाग लगाया और इनको पति और दोनों पत्नी को मनाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी. इसके बाद जब फैसला आया तो वह आम लोगों को हैरान कर गया. दरअसल, यहां दो पत्नियों के बीच पति का बंटवारा कर दिया गया. खास बात यह कि पति के साथ पत्नियों के रहने के दिन भी तय कर दिये गए और इनसे बॉंड भी भरवाया गया.
दरअसल, पति के इस बंटवारे का भी गजब हिसाब लगाया गया है. इसके लिए तय फैसले के अनुसार, पति अपनी एक पत्नी के साथ चार दिन तो दूसरी पत्नी के साथ तीन दिन समय गुजारेगा. बता दें कि पूर्णिया के रूपौली का एक दिलचस्प मामला पुलिस परिवार परामर्श केंद्र में आया था. इसमें पहली पत्नी ने केंद्र को बताया गया कि उसके पति ने बगैर उसे तलाक दिये दूसरी शादी कर ली है. पति पिछले 7 साल से जब से उनकी शादी हुई
उनको प्रताड़ना किया जा रहा है।
पूर्णिया के परामर्श केंद्र में पति के बंटवारे के फैसले पर विमर्श करते सदस्य.
लड़के जवान हो गये, लेकिन पति… पत्नी ने अपनी पीड़ा बयां करते हुए बताया कि उनका दोनों लड़के जवान हो चुके हैं, लेकिन पति पढ़ाई लिखाई का खर्च नहीं दे रहा है. वहीं, पुलिस परिवार परामर्श केंद्र के सदस्य दिलीप कुमार दीपक ने कहा कि जब इस बाबत उन लोगों ने पति से पूछा तो उन्होंने भी अपनी गलती स्वीकार की और कहा कि उसने बगैर तलाक लिए ही दूसरी शादी की है.इस मामले की सुनवाई आगे बढ़ी तो आरोपी पति ने कहा कि वह अपनी दोनों पत्नियों को रखने और भरण पोषण करने के लिए राजी है.
फिर सबने मानी बात परामर्श केंद्र के सदस्यों ने बताया कि इस बात पर थोड़ी-बहुत झिझक के साथ दोनों पत्नी और पति भी राजी हो गए.
तब परिवार परामर्श केंद्र में तीनों के बीच सुलह हुआ और यह तय हुआ कि पति बड़ी पत्नी को चार दिन और छोटी पत्नी को तीन दिन सप्ताह में समय देंगे. इसके साथ ही बच्चों की पढ़ाई के लिए 4000 रुपये प्रतिमाह देंगे. इस पर सभी पक्ष सहमत हुए और इसका एक बंध पत्र बनाकर सभी को विदा किया गया.इस समझौते में परिवार परामर्श केंद्र के सदस्य दिलीप कुमार दीपक, स्वाति वैश्यंत्री, बबीता चौधरी, प्रमोद जायसवाल, रविंद्र शाह ने इस केस में अहम भूमिका निभाई.