समस्तीपुर में बाढ़ घोटाला हुआ है। 2024 में मोहिउद्दीन नगर प्रखंड की मदूदाबाद पंचायत में गंगा के बाढ़ का पानी नहीं आया था। बावजूद पंचायत के अधिकतर लोगों के अकाउंट में बाढ़ राहत की राशि ट्रांसफर की गई। बताया जा रहा कि 400 लोगों में प्रति व्यक्ति 7 हजार रुपए अकाउंट में ट्रांसफर हुए हैं। कुल मिलाकर 25-30 लाख की राशि आई है।
इस मामले को लेकर गांव के ही सामाजिक कार्यकर्ता अवनीश कुमार ने गुरुवार को डीएम से लेकर आपदा के अधिकारी तक शिकायत दर्ज कराई है। मामला सामने आने के बाद पटोरी के एसडीओ विकास पांडेय ने जांच के आदेश जारी किए हैं। मोहिउद्दीन नगर के सीईओ से जवाब तलब किया गया है। इसके बाद मामले से जुड़े कर्मी और अधिकारियों के बीच हड़कंप मच गया है।
मदूदाबाद पंचायत।
रुपए की राशि बिचौलियों के माध्यम से भेजने का आरोप
मोहिउद्दीन नगर के अवनीश कुमार ने डीएम समेत आला अधिकारियों को आवेदन देकर यह आरोप लगाया है कि बीते साल गंगा नदी में आई बाढ़ के कारण पटोरी अनुमंडल क्षेत्र के मोहनपुर, मोहिउद्दीन नगर की कई पंचायत वार्ड की चपेट में आए थे, लेकिन मदुदाबाद पंचायत बाढ प्रभावित नहीं थी।
यहां बाढ़ का पानी नहीं आया था। सरकारी रिकॉर्ड में भी यह बाढ़ से मुक्त पंचायत है। बावजूद इस पंचायत के लोगों के अकाउंट में बाढ़ राहत की सात-सात हजार रुपए की राशि बिचौलियों के माध्यम से भेजी गई।
शिकायत कराते लोग।
किस तरह हुआ मामला उजागर
लोगों के अकाउंट में राशि आने के बाद पंचायत के एक जनप्रतिनिधि ने इसे मनरेगा की राशि बताते हुए यूपीआई के माध्यम से वापस निजी अकाउंट में ले लिया। इसके बाद यह मामला खुल गया और चारों ओर चर्चा होने लगी। बताया गया कि अकाउंट धारी के अकाउंट में मात्र पांच 500 रुपए छोड़ दिए गए और 6500 यूपीआई के माध्यम से जनप्रतिनिधि ने अपने अकाउंट में ले लिए।
पटोरी एसडीओ विकास पांडेय।
पटोरी के एसडीओ विकास पांडे ने बताया कि बाढ़ राहत की राशि कुछ ऐसी पंचायत में भी जाने की बात सामने आई है, जहां बाढ़ नहीं आई थी। मोहिउद्दीन नगर के साथ ही मोहनपुर के सीईओ से जवाब तलब किया गया है। साथ ही पूरे मामले की जांच की जा रही है। इस मामले में जो दोषी होंगे, उन पर कार्रवाई की जाएगी। जरूर हुई तो प्राथमिकी भी दर्ज की जाएगी।