बिहार : यूपी-बिहार को जोड़ने वाली सड़क की बदल जाएगी सूरत, 10 साल बाद मिली मंजूरी; एक कारण से फंसा था मामला

प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर
मुख्यमंत्री के हाल की घोषणा से पश्चिम चंपारण जिले को सबसे ज्यादा लाभ रोड कम्यूनिकेशन के क्षेत्र में मिला है। उन्होंने सड़क की कई परियोजना के निर्माण का रास्ता साफ कर दिया है, जो पिछले कई वर्षो से लंबित थी।
इनमें कुछ सड़क परियोजना में प्रशासनिक स्वीकृति नहीं हुई थी, तो कुछ में सशक्त पहल की जरूरत थी। वहीं एनएच एवं वन विभाग के बीच भी तकनीकी कारणों के चलते समन्वय नहीं होने के कारण सड़क निर्माण लंबित था। इसमें मदनपुर से पनिअहवा के बीच सड़क मुख्य रूप से शामिल है। 

यह सड़क परियोजना करीब दस वर्षो से लंबित है। एलाइनमेंट को लेकर एनएच एवं वीटीआर के बीच अभी तक समन्वय स्थापित नहीं हो सका था। हालांकि इसको लेकर जिला प्रशासन, स्थानीय विधायक एवं विधान पार्षद एवं वीटीआर के प्रतिनिधि के बीच कई बार बैठक भी हो चुकी है। 

जल्द ही काम शुरू करने का निर्देश

हाल में मुख्यमंत्री के द्वारा घोषणा किए जाने के बाद अब इस दिशा में तेजी से काम शुरू होने की उम्मीद जग गई है। घोषणा करते समय सीएम ने साफ तौर पर संबंधित विभाग के अधिकारियों को शीघ्र काम शुरू कराने का निर्देश दिया है। 

यदि इस महत्वपूर्ण सड़क का निर्माण हो जाता है, तो उत्तर प्रदेश एवं बिहार के पश्चिमी हिस्से से व्यापार में तेजी आएगी। पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में जो सामग्री सस्ते दर पर मिल रही है, वह अधिक दूरी के चलते यहां महंगी मिल रही थी, वह सस्ती होगी। 

60 किलोमीटर कम होगी दूरी

मदनपुर एवं पनिअहवा के बीच सड़क निर्माण हो जाने के बाद बगहा अनुमंडल के लोगों को गोरखपुर जाने में पहले से करीब 60 किलोमीटर की दूरी कम होगी। 

अभी यहां के लोगों को रतवल-धनहा पुल से होकर जाना पड़ रहा है। पुल निर्माण हो जाने के बाद लोग बगहा से सीधे मदनपुर पनिअहवा होते हुए गोरखपुर चले जाएंगे। उन्हें कुशीनगर नहीं जाना होगा। 

सड़क निर्माण के लिए किन बातों का रखें ध्यान

  • भूमि अधिग्रहण और सर्वेक्षण: सड़क निर्माण के लिए आवश्यक भूमि का अधिग्रहण करना और उसका सर्वेक्षण करना महत्वपूर्ण है।
  • पर्यावरणीय प्रभाव: सड़क निर्माण के पर्यावरणीय प्रभाव का मूल्यांकन करना और उसके लिए आवश्यक उपाय करना आवश्यक है।
  • डिज़ाइन और निर्माण मानक: सड़क के डिज़ाइन और निर्माण में मानकों का पालन करना आवश्यक है ताकि वह सुरक्षित और टिकाऊ हो।
  • निर्माण सामग्री: सड़क निर्माण में उपयोग की जाने वाली सामग्री की गुणवत्ता का ध्यान रखना आवश्यक है।
  • श्रमिकों की सुरक्षा: सड़क निर्माण में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा का ध्यान रखना आवश्यक है।
  • स्थानीय समुदाय की भागीदारी: सड़क निर्माण में स्थानीय समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करना आवश्यक है ताकि उनकी आवश्यकताओं और चिंताओं का ध्यान रखा जा सके।
  • लागत और समय प्रबंधन: सड़क निर्माण की लागत और समय का प्रबंधन करना आवश्यक है ताकि परियोजना समय पर और बजट के भीतर पूरी हो सके।
  • गुणवत्ता नियंत्रण: सड़क निर्माण की गुणवत्ता का नियंत्रण करना आवश्यक है ताकि वह सुरक्षित और टिकाऊ हो।
  • देखभाल और रखरखाव: सड़क निर्माण के बाद उसकी देखभाल और रखरखाव का ध्यान रखना आवश्यक है ताकि वह लंबे समय तक सुरक्षित और उपयोगी बनी रहे।

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