- बेगूसराय की एक लड़की आरती की नवादा में उसके पिता मनोज यादव ने हत्या कर दी
- आरती की हत्या का कारण उसके प्रेम प्रसंग को बताया गया है, जिस पर उसके पिता नाराज थे
- पुलिस ने जब सबूत जुटाए तो मनोज यादव ने अपनी बेटी की हत्या का गुनाह कबूल कर लिया
- मनोज ने अपनी बेटी की शादी कहीं और कराने की कोशिश की, लेकिन आरती तैयार नहीं थी।
ऐसे पकड़ा गया झूठ
मनोज ने पुलिस को बताया था कि अज्ञात लोगों ने उनकी गाड़ी पर फायरिंग की थी और इसी में आरती को गोली लगी है। उन्होंने दो युवकों का हवाला भी दिया था। लेकिन पुलिस को मनोज के बयान पर शुरू से ही शक था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों की जांच की तो मनोज का झूठ पकड़ा गया। घटना के दिन से ही मनोज का व्यवहार संदिग्ध था। हत्या के दस घंटे बाद तक डॉक्टर, पुलिस और फोरेंसिक टीम ने आरती के शव की जांच की, लेकिन किसी को गोली लगने का पता नहीं चला। शुरुआत में बताया गया कि आरती की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है।
बाद में जब पोस्टमार्टम हुआ तो आरती के शरीर से गोली बरामद हुई। इस मामले में नवादा के एसपी अभिनव धीमान ने खुद मोर्चा संभाला और मामले की बारीकी से जांच के आदेश दिए। जांच में पता चला कि मनोज अपनी बेटी के प्रेम प्रसंग से नाराज था। उसने आरती की शादी कहीं और कराने की कोशिश की थी, लेकिन आरती तैयार नहीं थी। अपनी इज्जत बचाने के लिए मनोज ने बेटी की हत्या करने की साजिश रची।
पुलिस ने जब मनोज को सबूतों के साथ घेरा तो उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसने बताया कि मेरी बेटी की पढ़ाई के दौरान एक लड़के के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। जिसके बाद हम सपरिवार कहीं अन्यत्र जगह में अपनी पुत्री का शादी के लिए बात किए। बावजूद मेरी वह शादी करने को तैयार नहीं थी। अपनी बदनामी से बचने के लिए योजना के तहत उसकी हत्या की।