समस्तीपुर : समस्तीपुर बस स्टैंड से 4 घंटे तक नहीं चली बस:महापर्व पर यात्री परेशान, संचालक पर अवैध वसूली का आरोप; वाहन मालिकों ने किया हंगामा

हड़ताल के बाद बस स्टैंड में खड़ी वाहन
समस्तीपुर के कर्पूरी बस पड़ाव के संचालक पर अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए मंगलवार को वाहन मालिकों ने परिचालन ठप कर दिया। इससे करीब 4 घंटे तक बस स्टैंड से किसी भी जिले के लिए बसें नहीं खुली। फल स्वरुप महापर्व छठ के मौके पर दूसरे जगह से आए यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

वाहन मालिकों में आक्रोश

वाहन मालिकों का कहना था कि एक पुराने मामले को लेकर समस्तीपुर से मुजफ्फरपुर के लिए जा रही बस को स्टैंड संचालक के लोगों द्वारा रास्ते में रोक लिया गया। उससे यात्रियों को उतार दिया गया। जब इस बात की जानकारी बस स्टैंड में वाहन मालिकों को हुई तो लोग आक्रोशित हो उठे। लोगों ने वाहनों का परिचालन ठप कर दिया।

समस्तीपुर से कई जिलों में बस नहीं चलने के कारण यात्री परेशान

समस्तीपुर से पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा बेगूसराय समेत अन्य जिलों के लिए बसें नहीं चली। इन जिला में बस से जाने वाले यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। कुछ लोगों ने ट्रेन का सहारा लिया। वहीं, कुछ यात्री बस स्टैंड में भी सेवा शुरू होने का इंतजार करते रहे। बाद में नगर उपायुक्त के आने के बाद वाहन मालिक और संचालकों के बीच एक समझौता वार्ता हुई। इसके बाद वाहन सेवा शुरू कर दी गई।

जानकारी देते मोटर एसोसिएशन के अध्यक्ष।
स्टैंड संचालक करते हैं वसूली

जिला मोटर संगठन के अध्यक्ष और सचिव संजीव सुमन ने बताया कि समस्तीपुर कर्पूरी बस पड़ाव से विभिन्न जिलों के लिए बस सेवाएं चलती हैं। संचालक द्वारा मनमाना टैक्स लिया जाता है। उन्होंने कहा कि ई-रिक्शा जिस पर कोई टैक्स नहीं है, बावजूद स्टैंड संचालक द्वारा उनसे भी पैसे की वसूली की जाती है। आज तो हद हो गई, एक पुराने मामले को लेकर वाहन को रोक दिया गया। इससे यात्री तक को उतार दिया गया। बीच सड़क पर यात्री परेशान हो गए।

अवैध वसूली की शिकायत पर होगी कार्रवाई

इस बात की जानकारी वाहन मालिकों को हुई तो लोगों ने हड़ताल शुरू कर दिया। हालांकि, उपायुक्त के साथ सम्मानपूर्वक समझौता हुआ है। उन्होंने कहा कि आगे से अगर इस तरह का वारदात होता है और अवैध वसूली की शिकायत आती है, तो संचालक पर कार्रवाई की जाएगी।

बस स्टैंड के संचालक आनंद कुमार ने बताया कि स्टैंड से खुली बस को टिकट चेक करने के लिए रोका गया था। सरकार द्वारा निर्धारित दर है। इस दर के अनुसार वाहनों से टैक्स लिया जाता है, क्योंकि पूर्व में मोटर एसोसिएशन संगठन द्वारा इस बस स्टैंड का संचालन किया जा रहा था। इस कारण संगठन के लोग गलत आरोप लगा रहे हैं। ताकि प्रशासनिक कार्रवाई हो और स्टैंड का टेंडर खत्म हो जाएं। जब से उन्होंने टेंडर लिया है, तब से नियमानुसार ही बस स्टैंड का संचालन किया जा रहा है।

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