बुधवार को प्रदेश के कई इलाके में बारिश हुई। आज राजधानी पटना समेत 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है।
बिहार में बीते दो दिनों से मानसून फिर एक्टिव है। बारिश के कारण प्रदेश की कई नदियां उफान पर है। कटिहार में गंगा और कोसी नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिसके कारण रसेला, मनिहारी, अमदाबाद, बरारी प्रखंड के कई पंचायतों में बाढ़ का पानी घुस गया है। बरारी प्रखंड में आज सीएम नीतीश का कार्यक्रम था, लेकिन बाढ़ के हालात को देखते हुए इसे कैंसिल कर दिया गया है।
कटिहार में मनिहारी, बरारी, कुर्सेला और अमदाबाद प्रखंड के 57 स्कूलों में बाढ़ के कारण पढाई ठप है। जिला शिक्षा पदाधिकारी अमित कुमार ने बताया कि स्थिति सामान्य होने पर ही इन स्कूलों में परीक्षाएं होंगी।
दूसरी ओर मुंगेर, भागलपुर समेत कई जिलों में अभी भी बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। भागलपुर में तिलकामांझी यूनिवर्सिटी पानी में डूबी है। यूनिवर्सिटी की हालत इतनी बुरी है कि यहां नाव चल रही है। शेखपुरा के घाटकुसुंभा प्रखंड में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। कई घर बाढ़ के पानी में डूब चुके हैं।
वहीं पटना, मुजफ्फरपुर में गुरुवार सुबह तेज बारिश हुई, वहीं कई जिलों में बादल छाए हैं। मौसम विभाग ने आज सभी जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 50 किमी की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है।
कटिहार में मनिहारी, बरारी, कुर्सेला और अमदाबाद प्रखंड के 57 स्कूलों में बाढ़ के कारण पढाई ठप है।
कटिहार में मनिहारी, बरारी, कुर्सेला और अमदाबाद प्रखंड के 57 स्कूलों में बाढ़ के कारण पढाई ठप है।
मौसम विभाग ने 28 सितंबर तक अधिकांश जिलों में बारिश की संभावना जताई है। विभाग के मुताबिक, अगले एक हफ्ते में मानसून की बिहार से विदाई हो जाएगी। इसके बाद पुरवा हवा चलने लगेगी। 1 जून से 25 सितंबर तक बारिश का औसत 959.4 मिमी है, जबकि 689.6 मिमी ही बारिश हुई है, जो सामान्य से 28 प्रतिशत कम है।
बारिश के कारण कटिहार में सीएम का कार्यक्रम रद्द
सीएम नीतीश कुमार कटिहार के बरारी प्रखंड के दौरा करने के दौरान अलग-अलग कार्यक्रमों में भाग लेने वाले थे। यहां नव निर्मित जिला अतिथि गृह भवन का उद्घाटन होना था। साथ ही टेक लैब और वर्कशॉप का शिलान्यास और उद्घाटन होने वाला था। मुख्यमंत्री गंगा और कोसी के कटाव से प्रभावित और भूमिहीन परिवारों को योजना का लाभ देने वाले थे। पर्चा का वितरण होना था। बता दें कि गंगा और कोसी नदी के जलस्तर में वृद्धि हो रही है।
बारिश के कारण सीएम नीतीश का कटिहार में होने वाला कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है।
मौसम में इन कारणों से हुआ बदलाव
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिम-मध्य और इससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर का क्षेत्र पश्चिमोत्तर दिशा की ओर बढ़ते हुए कमजोर हो गया है। हालांकि, इससे संबंधित साइक्लोनिक सर्कुलेशनअब दक्षिण छतीसगढ़ और इसके आसपास के क्षेत्रों में स्थित है और समुद्र तल से 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है, जो ऊंचाई के साथ दक्षिण की ओर झुका हुआ है।
उत्तर कोंकण से दक्षिण बांग्लादेश तक, दक्षिण छत्तीसगढ़ के ऊपर स्थित उपरोक्त चक्रवाती परिसंचरण से होकर एक द्रोणिका (ट्रफ) गुजर रही है और यह समुद्र तल से 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैली हुई है, जो ऊंचाई के साथ दक्षिण की ओर झुकी हुई है।
अब गंगा के कटाव और बाढ़ की कुछ तस्वीरें देखिए…
कटिहार में गंगा और कोसी नदी के जलस्तर में वृद्धि हो रही है। इससे कुरसेला, मनिहारी, अमदाबाद, बरारी, प्रखंड के पंचायतों में बाढ़ का पानी घुस गया है।
कटिहार में गंगा और कोसी नदी के जलस्तर में वृद्धि हो रही है। इससे कुरसेला, मनिहारी, अमदाबाद, बरारी, प्रखंड के पंचायतों में बाढ़ का पानी घुस गया है।
मुंगेर के कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। तस्वीरें ड्रोन से ली गई है ।
शेखपुरा में भी बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। कई घर बाढ़ के पानी में डूबे हैं।
तिलकामांझी यूनिवर्सिटी में चल रही नाव
तिलकामांझी यूनिवर्सिटी में जलजमाव की वजह से नाव चलानी पड़ रही है।
भागलपुर में गंगा का जलस्तर बढ़ा है। इससे तिलकामांझी विश्वविद्यालय परिसर में बाढ़ के पानी घुस गया है। लाइब्रेरी, गेस्ट हाउस, लालबाग प्रोसेफर कॉलोनी, गर्ल्स हॉस्टल में जलजमाव की समस्या बन गई है। स्थिति यह है कि यूनिवर्सिटी परिसर में नाव चलाई जा रही है। नाव से ही कर्मचारी और छात्र-छात्राओं का आना-जाना हो रहा है।
यूपी-बिहार में कम बारिश
मानसून के दौरान एक नया पैटर्न उभर रहा है कि गंगा पट्टी वाले राज्यों उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल में बारिश लगातार घट रही है। वहीं, अपेक्षाकृत सूखे माने जाने वाले पश्चिमी राज्यों राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र में बारिश बढ़ रही है। गंगा के मैदान वाले राज्यों- उत्तराखंड में इस बार 107%, उत्तर प्रदेश में 94%, बिहार में 72% और प. बंगाल में 97% बारिश हुई है। जबकि राजस्थान में 157%, गुजरात में 141%, महाराष्ट्र में 122% बारिश हुई है।
पूर्णिया में सोमवार रात आंधी-बारिश के बीच आकाशीय बिजली गिरने से होटल और दुकान में आग लग गई।
पूर्णिया में सोमवार रात आंधी-बारिश के बीच आकाशीय बिजली गिरने से होटल और दुकान में आग लग गई।
आकाशीय बिजली से होटल-दुकान में लगी आग
पूर्णिया में सोमवार रात आंधी-बारिश के बीच आकाशीय बिजली गिरने से होटल और दुकान में आग लग गई। करीब 15 लाख की संपत्ति जलकर राख हो गई। गनीमत रही कि वज्रपात से पहले होटल और दुकान बंदकर संचालक और स्टाफ घर जा चुके थे। होटल में 18 गैस सिलेंडर रखे थे, उसे पहले ही निकाल लिया गया। अगर ऐसा नहीं होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। आग बुझाने में कुछ दमकल कर्मी भी मामूली रूप से झुलस गए। चार दमकल की गाड़ियां स्थिति पर काबू पाने आईं थीं। 3 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। करीब 12 से 1 बजे के बीच कसबा ओवरब्रिज फोरलेन के पास घटना हुई।