बता दें कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सुधारने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार (21 सितंबर) को एक अणे मार्ग स्थित संकल्प में गृह विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की थी. इसमें सीएम ने साफ कहा था कि विधि व्यवस्था सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. अपराध नियंत्रण में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी. मुख्यमंत्री ने कहा था कि लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई होगी. मुख्यमंत्री जहां लॉ एंड ऑर्डर को लेकर गंभीर हैं, वहीं पुलिसवाले ही कानून को तोड़ने का काम कर रहे हैं.