राज्य जीविका कार्यालय ने की थी पेंटिंग की मांग
केंद्र सरकार ने बिहार सरकार को इसे लेकर पत्र भेजा था. पत्र के आलोक में मधुबनी जीविका दीदी को शॉल पर पेंटिंग तैयार करने को कहा गया. जीविका दीदी नर्मदा देवी, सुषमा देवी, मिनाक्षी झा, वंदना कर्ण सहित अन्य दीदियों ने बताया कि राज्य जीविका कार्यालय से शॉल तैयार करने के लिए निर्देश मिला. समय भी कम दिया गया. प्रधानमंत्री को शॉल भेंट किये जाने की बात से पूरी टीम उत्साहित थी. दो दिनों में ही जीविका दीदियों की टीम के अथक प्रयास से शॉल तैयार कर दी गयी. 13 सितंबर को दिल्ली भेज दी गयी. अब इन कलाकारों को दो अक्तूबर को आयोजित होने वाले कार्यक्रम का इंतजार है.
कलाकृतियों का खूबसूरत उदाहरण है मधुबनी पेंटिंग
भारत अपनी समृद्ध संस्कृति के लिए विश्व भर में जाना जाता है. ऐसे अनूठे नमूने देखने को मिल जायेंगे, जिन्हें देखते ही नजरें हटाना मुश्किल हो जाएगा. भारत के हर एक राज्य में ऐसी कला देखने को मिल जाएगी. भारत की इन्हीं अनोखी कलाकृतियों का खूबसूरत उदाहरण है मधुबनी जिले की मधुबनी पेंटिंग. एक छोटे से जिले से शुरू होकर पूरे विश्व पटल पर मधुबनी चित्रकला अपनी धाक जमा चुकी है.
इन कलाकारों ने शॉल पर उकेरी है मधुबनी पेंटिंग
जीविका का हस्तशिल्प उत्पादक समूह रांटी की 15 जीविका दीदियों ने मिलकर दो दिनों में बीस शॉल पर पेंटिंग बनायी है. इन दीदियों में नर्मदा देवी, सुषमा देवी, मिनाक्षी झा, वंदना कर्ण, बेबी, रानी ठाकुर, रानी झा, रीना देवी, उषा देवी, पिंकी देवी, देवकला देवी, शांति कुमारी, फूल देवी, विमल ठाकुर, सुधा देवी शामिल हैं.
क्या कहते हैं अधिकारी
जीविका के डीपीएम मो वसीम अंसारी बताते हैं कि मधुबनी चित्रकला मधुबनी की पहचान है. इससे जुड़ी महिला कलाकारों को जीविका के उत्पादक समूह के माध्यम से नया मंच प्रदान किया जा रहा है. पीएम नरेंद्र मोदी के लिए बनायी गयी शॉल इस कदम में मिल का पत्थर साबित होगी. इससे जीविका दीदियों में नये उत्साह का संचार होगा.