समस्तीपुर के मोहनपुर, मोहिउद्दीननगर व विद्यापतिनगर प्रखंड के कई गांव प्रभावित हुए हैं. इससे पहले अगस्त में भी गांव जलमग्न हुए थे. एक बार फिर लोगों की परेशानी बढ़ गई है.
अगस्त में भी जलमग्न हुए थे कई गांव
इसको लेकर विद्यापतिनगर प्रखंड की चार पंचायतों के आधा दर्जन गांवों में एक बार फिर गंगा का पानी भर जाने से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. पिछले तीन दिन से गंगा के जलस्तर में उफान जारी था. इससे बाढ़ आने की आशंका जताई जा रही थी. लोग बाढ़ से बचने के लिए पहले ही ऊंची जगहों पर शरण ले चुके हैं. हालांकि अब भी कई लोग अपने-अपने घरों में ही हैं. इस साल दूसरी बार गंगा में बाढ़ आई है. इससे पहले अगस्त में भी गांव जलमग्न हुए थे. हालांकि दो दिन बाद ही जलस्तर में कमी आने से बाढ़ की समस्या दूर हो गई थी. पिछले तीन दिनों से गंगा और बाया नदी के जलस्तर में तेजी से हो रही वृद्धि के कारण विद्यापतिनगर प्रखंड के शेरपुर ढेपुरा, मऊ धनेशपुर दक्षिण, बालकृष्णपुर मड़वा और वाजिदपुर पंचायत के दियारा इलाके में करीब आधा दर्जन गांवों में गंगा का पानी घुस गया है. गांव से होकर निकले वाली सभी सड़कें पूरी तरह जलमग्न हैं, जिस कारण लोग घर से नहीं निकल रहे.
सबसे अधिक पशुपालकों को हो रही समस्या
गंगा के पानी से घिर चुके लोगों ने बताया कि पर्याप्त मात्रा में नाव उपलब्ध नहीं रहने की वजह खाने-पीने की भी समस्या हो गई है. सबसे अधिक परेशानियों का सामना पशुपालकों को करना पड़ रहा है. पशुचारा नहीं उपलब्ध हो पा रहा है. दियारा क्षेत्र के स्कूलों में पानी भर जाने से बच्चों की उपस्थिति प्रभावित हुई है. बीते बुधवार से ही कक्षा एक से आठवीं तक के बच्चों की अर्धवार्षिक परीक्षा ली जा रही है. इस कारण किसी तरह बच्चे विद्यालय पहुंच रहे हैं.
इस संबंध में बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल दलसिंहसराय के सरारी कैंप पर तैनात सहायक अभियंता जितेश रंजन ने बताया कि इलाहाबाद में गंगा का पानी उतरने लगा है, लेकिन वाराणसी से पटना तक जलस्तर बढ़ रहा है. फिलहाल मोहनपुर गंगा नदी के किनारे कटाव-निरोधी बंडाल व तटबंध पूरी तरह सुरक्षित हैं. इस पर विभाग की ओर से रात-दिन चौकसी की जा रही है.