बिहार के दरभंगा में 13 साल की छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है. बहेड़ी कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूल के वार्डन इस मामले में सवालों के घेरे में हैं क्योंकि छात्रा के परिवारवाले उनपर हत्या का आरोप लगा रहे हैं.
बहेड़ी कस्तूरबा गांधी स्कूल में नाबालिग छात्रा की संदिग्ध मौत को लेकर सवाल.
दरभंगा. बहेड़ी थाना इलाके में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में सातवीं की एक छात्रा का शव मिलने के बाद हड़कंप मच गया. छात्रा का शव कमरे के खिड़की में दुपट्टे के फंदे से लटका मिला था. तत्काल फंदे को काटकर छात्रा को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया. हालांकि, इस मामले में कई सवाल खड़े हो रहे हैं और हत्या और आत्महत्या, दोनों ही दृष्टिकोण से इस मामले की तफ्तीश की जा रही है. दरअसल, मृतक लड़की की बहन भी इसी स्कूल में छठी क्लास में पढ़ती है. इसके बयान के आधार पर पीड़ित परिवार ने थाने में वॉर्डन के खिलाफ लिखित शिकायत की है. परिवार के अनुसार, वॉर्डन ने 1000 रुपए की चोरी का आरोप लगाकर उसकी हत्या कर दी है.
बता दें कि बहेड़ी थाना इलाके में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में सातवीं क्लास की 13 वर्ष की छात्रा संध्या का शव कमरे की खिड़की में दुपट्टे के फंदे से लटका मिला था. तत्काल फंदे को काट छात्रा को अस्पताल लाया गया, लेकिन डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया. घटना के पीछे अभी कोई कारण स्पष्ट नहीं है, वहीं इस घटना को हत्या और आत्महत्या से भी जोड़कर लोग देख रहे हैं. लेकिन, सवाल यह है कि अगर छात्रा की हत्या की गयी तो महज ग्यारह वर्ष की बच्ची के साथ भला किसी की ऐसी क्या दुश्मनी थी जिस कारण हत्या हुई ? सवाल यह भी है की अगर छात्रा ने आत्महत्या की तो आखिर ऐसी क्या परिस्थिति उत्पन्न हुई की छात्रा को अपना जान देना पड़ा?
दरअसल, संदेह इसलिए उत्पन्न हो गया है क्योंकि मृतक के पिता दीपक भारती इसे हत्या बता वार्डेन रेखा सिन्हा की गिरफ्तारी की मांग की है. बता दें कि बहादुरपुर थाना क्षेत्र की श्रीरामपुर पीपरा गांव की निवासी मृतक छात्रा संध्या कुमारी 2 भाई और 2 बहनों में वह सबसे बड़ी थी और वह 2 साल से कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूल में रहकर पढ़ाई कर रही थी. मृतक संध्या की बहन साक्षी भी इसी स्कूल में पढ़ती है. इसके बयान ने वार्डन रेखा सिन्हा पर संदेह उत्पन्न कर दिया है. साक्षी ने बताया है कि चोरी का आरोप लगाकर वार्डन मैडम ने दुपट्टे से संध्या का गला दबाकर मार दिया.
परिजन इसे हत्या करार दे रहे हैं और वार्डन की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं. वहीं वॉर्डन रेखा सिन्हा का पक्ष भी सामने आया है. उन्होंने बताया कि इस मामले का उन्हें कुछ नहीं पता है कि लड़की ने आत्महत्या क्यों की. वह लड़की (मृतक संध्या) वैसी नहीं थी. संध्या की मां का कॉल आया था तो मैंने उसकी छोटी बहन को बुलाने के लिए भेजा, लेकिन वह नहीं आई. इसके बाद प्रार्थना का समय शुरू हो गया और अचानक से बच्चियां हल्ला करने लग गईं. मैं ऊपर गई तो संध्या को खिड़की की रॉड से लटका देखा. इसे देखकर हमलोग घबरा गए और शव को उतारकर अस्पताल पहुंचाया.
वहीं, दरभंगा सदर एसडीएम विकास कुमार पहली नजर में इसे आत्महत्या बता रहे हैं. हालांकि उन्होंने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अलावा जांच आने तक इंतजार भी करने की बात कही है. फिलहाल बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए दरभंगा DMCH अस्पताल पहुंचाया गया है जहां दरभंगा के जिलाधिकारी के आदेश पर एक मेडिकल बोर्ड बनाया गया उनकी निगरानी में पोस्टमार्टम कराया जा रहा है. बहरहाल इस मामले में सवाल और भी कई हैं, जिसके जवाब पुलिस को तलाशने होंगे. फिलहाल पूरा मामला हत्या और आत्महत्या के बीच झूल रहा है.