बिहार के दरभंगा स्थित कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के यज्ञ वल्लभ छात्रावास में 160 छात्रों को पानी की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है. छात्रावास का मोटर पिछले 4-5 महीनों से खराब है, जिससे पीने और नहाने के पानी की कमी हो गई है.
बिहार के दरभंगा स्थित कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के यज्ञ वल्लभ छात्रावास में 160 छात्रों को पानी की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है. छात्रावास का मोटर पिछले 4-5 महीनों से खराब है, जिससे पीने और नहाने के पानी की कमी हो गई है. छात्रों ने कई बार विश्वविद्यालय प्रशासन को इस समस्या के समाधान के लिए आवेदन दिया है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है. इस समस्या के कारण छात्रों की पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है, क्योंकि वे अपनी मूलभूत आवश्यकताओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं. ‘विश्वविद्यालय परिसर नहीं हो रहा काम’ संबंधित खबरें 50 आइटम्स के स्टॉल, 20 से अधिका झूला, परिवार के साथ पहुंचें इस मेले में राजस्थान के इस जिले में है छोटी काशी, जहां विराजते हैं भगवान मथुराधीश इस मंदिर में खुदाई के दौरान शिला के रूप में प्रकट हुई थी माता, जानें मान्यता बोकारो स्टील प्लांट में अब ‘ऊर्जा स्थल पार्क’, कर्मचारियों को ओपन जिम की सौगात आचार्य तृतीय सेमेस्टर के साहित्य विषय के छात्र, रमन जी कुमार झा और अन्य छात्रों ने आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहा है. उन्होंने बताया कि शहर से लेकर गांव तक के चापाकल को इस प्रचंड गर्मी में विभागीय तौर पर मरम्मत किया जा रहा है, लेकिन विश्वविद्यालय परिसर में कोई काम नहीं हो रहा है. ये भी पढ़ें: तेजी से आ रही थी वंदे भारत..पटरी पर थी ये चीजें, अचानक पड़ी ड्राइवर की नजर, हलक में आ गई 375 यात्रियों की जान ‘आकर चला गया मिस्त्री’ छात्रों का कहना है कि पानी का मोटर खराब होने के कारण वे नहाने और पीने के पानी के लिए परेशान हैं. मिस्त्री आए और चले गए, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ. इसके साथ ही, छात्रावास में लाइट की भी समस्या है, जिसके कारण रात के अंधेरे में बड़े-बड़े सांप निकलते हैं, जो छात्रों के लिए खतरनाक है. सफाई कर्मियों के बारे में छात्रों ने बताया कि वे नियमित रूप से आते हैं, लेकिन उन्हें सफाई करने के लिए आवश्यक सामान नहीं मिलता. वे केवल झाड़ू लगाकर चले जाते हैं, जिससे छात्रावास में स्वच्छता की स्थिति भी खराब हो गई है. छात्रों की यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक है, और विश्वविद्यालय प्रशासन को इस पर तुरंत ध्यान देकर समस्याओं का समाधान करना चाहिए, ताकि छात्र बिना किसी बाधा के अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकें.