बिहार : ये है बिहार का हेल्थ सिस्टम: ठेले पर अस्पताल पहुंची गर्भवती महिला, डिलिवरी के बाद नवजात लेकर उसी तरह लौटी

कैमूर जिले के रामगढ़ रेफरल अस्पताल में गर्भवती महिला को एम्बुलेंस नहीं मिला, जिससे वह ठेले से अस्पताल पहुंची। डिलीवरी के बाद भी एम्बुलेंस की सुविधा नहीं दी गई, जिससे नवजात बच्चे को ठेले से ही घर ले जाना पड़ा। मामले की जांच की जाएगी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।
यह घटना रामगढ़ रेफरल अस्पताल की है। पीड़ित महिला के पति ने उसे ठेले पर बैठाकर अस्पताल पहुंचाया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही की बात सामने आई है।

मोहनिया के एसडीएम राकेश कुमार सिंह ने मामले की जांच की बात कही है। उन्होंने कहा कि, ‘इस मामले की मैं खुद जांच करूंगा कि किन परिस्थितियों में ऐसा हुआ। जिला पदाधिकारी को भी मामले की जानकारी देंगे और मामले में जांच करेंगे।

यह घटना इस बात का सबूत है कि सरकार भले ही स्वास्थ्य सुविधाओं पर करोड़ों रुपए खर्च करने का दावा करे, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। एक तरफ सरकार मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं दूसरी तरफ स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी लापरवाही बरत रहे हैं।
सवाल यह है कि जब एक गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचने के लिए एम्बुलेंस जैसी बुनियादी सुविधा नहीं मिल पा रही है, तो सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं का क्या फायदा?

इस घटना से पीड़ित महिला की मानसिक और शारीरिक पीड़ा का अंदाजा लगाना भी मुश्किल है। एक तरफ जहां उसे डिलीवरी के दर्द से जूझना पड़ा, वहीं दूसरी तरफ ठेले पर अस्पताल पहुँचने और घर लौटने की पीड़ा भी झेलनी पड़ी।

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