दरभंगा : दरभंगा एम्स का शिलान्यास दिसंबर तक होने की उम्मीद:एमबीबीएस, बीएससी नर्सिंग की होगी पढ़ाई, गंभीर मरीजों को मिलेगी राहत

एमबीबीएस, बीएससी नर्सिंग की होगी पढ़ाई, गंभीर मरीजों को मिलेगी राहत
एकमी-शोभन बाइपास किनारे प्रस्तावित दरभंगा एम्स निर्माण की राह आसान हो गई है। सोमवार को पटना में दरभंगा एम्स डायरेक्टर डा. माधवानंद कार को बाइपास किनारे की 150.13 एकड़ जमीन सौंपने की सूचना दी गई। इससे लोगों में भी खुशी है। वर्ष 2015-16 में दरभंगा एम्स निर्माण की स्वीकृति मिली थी।

जमीन का मामला फंसा हुआ था

750 बेड वाले इस अस्पताल के लिए वर्ष 2020 में 1,264 करोड़ राशि स्वीकृत की गई। इसके एम्स निर्माण स्थल को लेकर भूमि चयन का मामला फंस गया है। फिर लंबी जद्दोजहद के बाद केंद्र और राज्य सरकार के बीच एकमी-शोभन बाइपास किनारे एम्स निर्माण की सहमति बनी। एम्स की जमीन हस्तांतरित होना निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इसके बाद राज्य सरकार की ओर से प्रस्तावित भूमि पर मिट्टीकरण कार्य किया जाएगा। दरभंगा एम्स भवन निर्माण शुरू करने से पूर्व प्रस्तावित स्थल पर 20 एमवीए की विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने के साथ ही फोरलेन सड़क से जुड़ाव और पेयजल सुविधा आदि कार्य करने की जिम्मेवारी राज्य सरकार को मिली हुई है।

एमबीबीएस एवं बीएससी नर्सिंग की होगी पढ़ाई

दरभंगा एम्स में करीब 100 सीट एमबीबीएस एवं 60 सीट बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई के लिए उपलब्ध होगी। साथ ही यहां करीब 20 सुपर स्पेशियलिटी डिपार्टमेंट होगा। वहां उपचार की सुविधा उपलब्ध होने से उत्तर बिहार के मरीजों को व्यापक फायदा होगा।

इसके अलावा पड़ोसी देश नेपाल सहित बंगाल एवं असम राज्यों से भी मरीजों के आने की संभावना है। दरभंगा एम्स की स्थापना के बाद गंभीर एवं असाध्य मरीजों को भटकना नहीं पड़ेगा।

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