सदर अस्पताल द्वारा गठित की गई टीम गांव-गांव जाकर फाइलेरिया के बारे में लोगों को जागरूक करेगी. यह टीम गांवों में जाकर लोगों को फाइलेरिया से बचाव के उपाय बताएगी, दवाओं की जानकारी देगी और यह सुनिश्चित करेगी कि सभी लोग दवा का सेवन सही तरीके से करें । मधुबनी जिले में फाइलेरिया उन्मूलन के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक व्यापक और सुव्यवस्थित योजना तैयार की है. इस योजना के तहत, सदर अस्पताल ने 200 सदस्यीय एक विशेष टीम का गठन किया है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर फाइलेरिया से बचाव के उपायों और दवाओं के बारे में लोगों को जागरूक करना है.
सिविल सर्जन डॉ. नरेश भिमसरिया ने पत्रकारों को जानकारी दी कि फाइलेरिया के मामलों को कम करने के लिए हर व्यक्ति को साल में एक बार फाइलेरिया की दवा लेना आवश्यक है. इस दवा का सेवन किसी भी साइड इफेक्ट के बिना किया जा सकता है, लेकिन इसे खाली पेट नहीं लेना चाहिए. जिले में वर्तमान में 1615 फाइलेरिया केस दर्ज किए गए हैं और इन मामलों को कम करना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता है. विशेष रूप से सदर और रहिका प्रखंडों में फाइलेरिया के मामलों की संख्या अधिक पाई गई है. इसलिए इन प्रखंडों को लक्षित करके योजना बनाई गई है.
गांव-गांव जाकर टीम करेगी जागरूकसदर अस्पताल द्वारा गठित की गई टीम गांव-गांव जाकर फाइलेरिया के बारे में लोगों को जागरूक करेगी. यह टीम गांवों में जाकर लोगों को फाइलेरिया से बचाव के उपाय बताएगी, दवाओं की जानकारी देगी और यह सुनिश्चित करेगी कि सभी लोग दवा का सेवन सही तरीके से करें. सीएस डॉ. नरेश भिमसरिया के अलावा एसीएमओ डॉ. आरके सिंह, डीपीआरओ अनिल कुमार और अन्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी उपस्थित थे. उन्होंने फाइलेरिया उन्मूलन के इस अभियान की आवश्यकता और महत्व पर प्रकाश डाला और जिलेवासियों से सहयोग की अपील की है।
सरकारी योजना का मिले लाभआपको बता दें कि सदर अस्पताल 10 अगस्त से 27 अगस्त तक फाइलेरिया जागरूकता अभियान चला रहा है. इसके तहत लोगों को सरकारी योजना का सही लाभ मिल सके. इसके अलावा उन्होंने सदर अस्पताल में नए लगे टीवी ट्रूनेट मशीन के विषय में भी जानकारी दी, जिससे टीवी से संबंधित परेशानियों से लोगों को निजात मिल सके. इसके अलावा सदर अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों से बेहतर व्यवहार रखने की उम्मीद भी उन्होनें जताई है.