बिहार : बिहार पुलिस मैनुअल में होगा बदलाव, नये कानून से जुड़े प्रावधान होंगे शामिल

गृह विभाग के पदाधिकारियों के स्तर पर एक-दो राउंड की बैठकों के बाद इसे अंतिम रूप दिया जा सकता है. इसमें बिहार पुलिस मुख्यालय का भी सहयोग लिया जा रहा है.

पटना. बिहार पुलिस मैनुअल (बिहार पुलिस हस्तक 1978) में बदलाव होगा. संशोधित पुलिस मैनुअल में नये कानून से जुड़े प्रावधान, 1978 के बाद पुलिस महकमा द्वारा लिये गये सभी महत्वपूर्ण निर्णयों और पुलिस से जुड़े सभी अपडेट निर्देश शामिल किये जायेंगे. इसको लेकर गृह विभाग तैयारियों में जुटा है. विभागीय जानकारी के मुताबिक पुलिस मैनुअल में संशोधन को लेकर गृह विभाग के प्रधान सचिव अरविंद कुमार चौधरी की अध्यक्षता में एक राउंड बैठक हो चुकी है. गृह विभाग के पदाधिकारियों के स्तर पर एक-दो राउंड की बैठकों के बाद इसे अंतिम रूप दिया जा सकता है. इसमें बिहार पुलिस मुख्यालय का भी सहयोग लिया जा रहा है. 46 वर्षों बाद बदलेगा बिहार पुलिस मैनुअल बिहार में आजादी के पहले का ही मैन्युअल चला आ रहा था. बिहार पुलिस मैनुअल में दूसरी बार आजादी के बाद 1978 में संशोधन हुआ. 46 साल बाद एक बार फिर इसमें बदलाव होने जा रहा है. पिछले 46 वर्षों के दौरान कानून के क्षेत्र में कई बदलाव हुए हैं, जिनको संशोधित मैनुअल में जगह दी जायेगी. इसमें गृह विभाग से संबंधित सभी जरूरी आदेश खासकर पुलिस या विधि-व्यवस्था से जुड़े तमाम आदेश-निर्देश शामिल होंगे. नये कानूनों के लागू होने के बाद इसकी आवश्यकता महसूस की जा रही थी.

बिहार को सड़क, एयरपोर्ट, मेडिकल कॉलेज और बिजनेस कोरिडोर का तोहफा समय समय पर होता रहा है संशोधन वैसे समय समय पर पुलिस नियमावली में संशोधन होता रहा है. पिछले मई माह में भी नियमावली में संशोधन किया गया था और बिहार में सिटी और ग्रामीण एसपी का पावर बढ़ गया था. इस संशोधन के बाद सिटी और ग्रामीण एसपी दोनों को ही सब इंस्पेक्टर रैंक के थानेदार या अधिकारी को निलंबित करने का अधिकार मिला था. कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने और अधिकारियों की कार्यशैली में सुधार के लिए पुलिस की नियमावली में समय समय पर बदलाव किया गया है. पहले आईपीएस अधिकारी होने के बावजूद ग्रामीण एसपी सिर्फ कार्रवाई के लिए अनुशंसा कर सकते थे.

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